अमित शाह के रैपिडफायर में बीजेपी नेताओं के छूटे पसीने, जबाव देते नहीं बना

भाजपा की मीडिया और सोशल मीडिया की पावर प्वाइंट प्रजेनटेशन (पीपीटी) में अमित शाह के सवालों पर पार्टी नेताओं के पसीने छूट गए. वैसे तो मीडिया और सोशल मीडिया विभाग के पदाधिकारी पूरी तैयारी के साथ आए थे. पीपीटी के दौरान ही अमित शाह ने पूछना शुरू कर दिया कि उत्तराखंड में कितने लोग के पास स्मार्टफोन है.

फेसबुक और ट्विटर कितने लोग यूज करते हैं? पार्टी के नेता फेसबुक और ट्विटर पर कितना सक्रिय रहते हैं. इसके बाद वे स‌िर्फ सुनते रहे, लेक‌िन उन्हें कोई जवाब नहीं सूझा. दो दिवसीय दौरे के दौरान अमित शाह ने बुधवार शाम बीजापुर गेस्ट हाउस में कोर ग्रुप, चुनाव प्रबंधन, मीडिया और सोशल मीडिया की टीम के साथ बैठक की.

बैठक में पीपीटी के माध्यम से आगामी योजनाएं बताई गईं. पीपीटी के दौरान ही अमित शाह बीच-बीच में सवाल पूछते रहे. सोशल मीडिया की टीम से उन्होंने पूछा कि पार्टी की नीतियों का कैसे प्रचार किया जाता है? अगर विरोधी दल का कोई नेता सोशल मीडिया पर पार्टी की आलोचना करता है उसको जवाब कैसे दिया जाता है?

इसके अलावा उन्होंने मीडिया की टीम से पूछा कि वे मीडिया से कैसे मुखातिब होते हैं? पार्टी से जुड़ी खबरों के बारे में कैसे जानकारी देते हैं? इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू, प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मदन कौशिक, हरक सिंह रावत, राज्यमंत्री धन सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, विजय बहुगुणा प्रदेश मीडिया प्रभारी देवेंद्र भसीन, प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान, विनय गोयल, वीरेंद्र सिंह बिष्ट, सुरेश जोशी, अजय अजेंद्र, पुनीत मित्तल, शेखर वर्मा और अमित मालवीय सहित अन्य कई लोग मौजूद रहे.