संयुक्त राष्ट्र में बोले डोनाल्ड ट्रंप- ‘उत्तर कोरिया को पूरी तरह बर्बाद कर सकते हैं’

डोनाल्ड ट्रंप- फाइल फोटो

न्यूयॉर्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक को संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र का गठन दो विश्व युद्धों के बाद हुआ. पीस, सावरिंटी, सिक्यूरिटी और प्रॉस्पेरिटी के चार पिलर पर संयुक्त राष्ट्र टिका है. उन्होंने कहा कि यूएन की सफलता उसके सदस्यों की आजादी है.

ट्रंप ने कहा कि यूएन के सदस्यों की संप्रभुता बनी रहे. सदस्य देशों में एक दूसरे का सम्मान बना रहे यह जरूरी है. उन्होंने कहा कि अमेरिका में हम अपने जीने के तरीके को दूसरे पर नहीं थोपते. उन्होंने कहा कि अमेरिका के संविधान के 230 साल होने वाले हैं. उन्होंने कहा कि वी द पीपल… अमेरिकी संविधान के सबसे खूबसूरत शब्द हैं.

उत्तर कोरिया पर बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका, उत्तर कोरिया को पूरी तरह बर्बाद कर सकता है. उन्होंने कहा कि रॉकेट मैन (किम जॉन्ग उन) वह अपने और अपनी सत्ता के लिए सुसाइड मिशन पर है. उन्होंने यूएन के सदस्यों से आग्रह किया कि वह एकजुट होकर किम सरकार को अलग-थलग कर दें, ताकि उसका विरोधी रवैया बदले.

उन्होंने कहा कि यहां के लोग संप्रभुता में यकीन करते हैं. सरकार की पहली प्राथमिकता अपने लोगों के प्रति है. उन्होंने कहा कि अमेरिका का राष्ट्रपति होने के नाते मेरा दायित्व है कि मैं अमेरिकी लोगों के अधिकारों और हितों की रक्षा करूं. यहीं काम सभी राष्ट्राध्यक्षों का है. उन्होंने कहा कि अमेरिका पूरी दुनिया और खासतौर पर अपने सहयोगियों के लिए अच्छा दोस्त साबित होगा.

उन्होंने कहा कि हमारे लोगों ने अपनी आजादी और कई और देशों के लोगों की आजादी के लिए अपनी जानें दी हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु समझौते की आलोचना करते हुए इसे ‘शर्मिंदा करने वाला’ बताया. इस तरह उन्होंने संकेत दिए कि वह या तो इस ऐतिहासिक समझौते को खत्म करना चाहते हैं या फिर इस पर दोबारा बातचीत करना चाहते हैं.

ट्रंप ने संरा महासभा में कहा, ‘साफ शब्दों में कहें तो यह बड़ी शर्म की बात है कि यह समझौता किया गया.’ उन्होंने कहा, ‘विश्वास कीजिए अब समय आ गया है कि पूरी दुनिया हमारे साथ आए और मांग करे कि ईरान सरकार मौत और तबाही के तांडव को बंद करे.’