रायन मर्डर: पुलिस को दिए बयान से पलटा आरोपी कंडक्टर, कहा- मुझे फंसाया गया

रायन इंटरनैशनल स्कूल में दूसरी क्लास के स्टूडेंट प्रद्युमन की हत्या के आरोपी बस कंडक्टर अशोक कुमार ने अदालत में पुलिस पर फंसाने का आरोप लगाया है. अशोक कुमार ने गुरुग्राम की स्थानीय अदालत में पेशी के दौरान कहा कि अपने पूर्व के बयान से पलटते हुए खुद को निर्दोष बताया. बता दें कि अशोक ने पुलिस की पूछताछ में और मीडिया के सामने प्रद्युम्न की हत्या की बात कबूली थी, लेकिन वह कोर्ट में अपने बयान से मुकर गया. आरोपी अशोक के वकील ने कहा कि अदालत में दिया गया बयान ही मायने रखता है. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अशोक कुमार को 29 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

गौरतलब है कि अशोक के वकील ने भी मीडिया से बातचीक में कहा था कि पुलिस अशोक को फंसा रही है. उनके मुताबिक, अशोक ने उनको बताया था कि पुलिस ने उसे दो दिन के लिए चुप रहने को कहा था और फिर छोड़ देने का वादा किया था. कंडक्टर के कपड़ों पर खून के निशान बच्चे को गोद में उठाने के बाद लगे थे और उसके पास कोई चाकू नहीं था. वकील ने तो यहां तक दावा किया था कि अशोक को जुर्म कबूलने के लिए 25 लाख का ऑफर भी किया गया.

अशोक के अलावा मामले में जेजे ऐक्ट के तहत गिरफ्तार किए गए स्कूल के उत्तरी जोन के प्रमुख फ्रांसिस थॉमस तथा एचआर प्रमुख जियूस थॉमस की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है. इन्हें भी अशोक के साथ 29 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. एसआईटी ने इन पर स्कूल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न करने के आरोप लगाए हैं.

10 दिन बाद स्कूल सोमवार को खुला. जिला प्रशासन की ओर से बनाई गई कमिटी ने सुबह ही स्कूल को टेकओवर कर लिया था. इतने बड़े हादसे के बाद आज स्कूल में बच्चों की संख्या काफी कम थी. जिला प्रशासन ने सभी अभिभावकों से अपील की थी कि वे अपने बच्चों को स्कूल भेजें. वारदात के बाद पहले दिन स्कूल आ रहे बच्चे पुलिस को देखकर न घबराएं, इसलिए स्कूल के बाहर सादी वर्दी में पुलिस तैनात रही. गुरुग्राम के डीसी विनय प्रताप सिंह अगले 3 महीने तक रायन इंटरनैशनल स्कूल के मैनेजमेंट की देखरेख करेंगे. उन्होंने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि स्कूल प्रबंधन की तरफ से कई तरह की खामियों की बात सामने आई है. उन्होंने कहा, ‘सीबीएसई द्वारा जारी किए गए नोटिस का जवाब दिया जाएगा. बता दें कि सीबीएसई ने स्कूल को नोटिस जारी कर पूछा था कि बुनियादी सुरक्षा उपायों को सही तरीके से लागू नहीं करने के कारण क्यों न स्कूल की मान्यता रद्द कर दी जाए?. सीबीएसई ने साथ ही कहा कि अगर स्कूल मामले में सावधानी बरतता तो प्रद्युम्न की मौत को टाला जा सकता था.

डीसी विनय प्रताप ने कहा, ‘आज हमने अभिभावकों से मुलाकात की. अभिभावकों ने अपनी चिंताएं जाहिर की. 23 सिंतबर को पैरंट-टीचर मीटिंग रखी गई है.’ उन्होंने कहा कि चूंकि अब स्कूल खुल चुका है इसलिए घटना की जगह को पूरे तरीके से खाली करवाया जा चुका है ताकि कोई सुराग नष्ट न हो सके.’

रायन स्कूल मर्डर केस के मद्देनजर प्रदेश सरकार के बाद जिला प्रशासन की सख्ती शहर के प्राइवेट स्कूलों पर नजर आ रही है. स्कूल संचालकों ने बच्चों की सुरक्षा के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. कोई स्कूल अपने हर कर्मचारी का आई कार्ड बनवा रहा है तो किसी ने स्कूल के एंट्री-एग्जिट गेट पर सीसीटीवी लगाने का काम शुरू कर दिया है. कहीं बस में सीसीटीवी के लिए प्लान तैयार कर लिया गया है तो कुछ स्कूलों में खानापूर्ति के लिए लगाए गए सीसीटीवी बदलकर बेहतर क्वॉलिटी के सीसीटीवी लगवाए जा रहे हैं.