बीजेपी नेता को रोहिंग्या मुसलमानों का समर्थन करना पड़ा भारी, हुई सस्पेंड

रोहिंग्या मुसलमानों के लिए हमदर्दी बीजेपी नेता को भारी पड़ गई. असम बीजेपी की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य और तीन तलाक के खिलाफ पार्टी का चेहरा रहीं बेनजीर अरफां को रोहिंग्या मुसलमानों के समर्थन वाले कैंप में शामिल होने पर पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. 2012 से बीजेपी के साथ जुड़ी बेनजीर का कहना है कि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रंजीत कुमार दास ने उन्हें पार्टी से निष्कासित करते हुए वॉट्सऐप पर सस्पेंशन लेटर भेजा.

2012 में बीजेपी से जुड़ी बेनजीर ने बताया कि असम बीजेपी अध्यक्ष रंजीत कुमार दास ने उन्हें पार्टी से निष्कासित करते हुए वॉट्सऐप पर पत्र भेजा. पार्टी से निकाले जाने से नाराज बेनजीर ने कहा कि इस मुद्दे पर मैं बीजेपी हाईकमान से शिकायत करूंगी. अरफां ने कहा जो निलंबन पत्र उन्हें भेजा गया है उसमें लिखा है, ‘किसी दूसरी संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम जो रोहिंग्या मुसलमानों के समर्थन के लिए था उसमें आपने बिना पार्टी की मर्जी से हिस्सा लिया. ऐसा करना पार्टी के नियमों को तोड़ना है जिस कारण आपको तत्काल प्रभाव से पार्टी से बर्खास्त किया जाता है.

‘गुवाहटी के एनजीओ यूनाइटेड माइनॉरिट पीपल्स फोरम ने 16 सितंबर को रोहिंग्या मुस्लिमों के समर्थन में कार्यक्रम का आयोजन किया था. इसी कार्यक्रम में बेनजीर अरफां शामिल हुई थी. आपको बता दें कि बीजेपी का रोहिंग्या मुस्लिमों के खिलाफ रुख रहा है. कई केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता भारत में रह रहे रोहिंग्या मुस्लिम को वापस भेजने की दलील दे चुके हैं. केंद्र का कहना है कि रोहिंग्या मुस्लिम देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा हो सकते हैं. अरफां तीन तलाक के खिलाफ अभियान चला चुकी हैं और असम विधानसभा चुनाव में अहम भूमिका निभाई थी. हालांकि उन्हें विधानसभा चुनाव में जैनिया सीट हार का सामना करना पड़ा था.