फर्जी संतों की लिस्ट जारी करने वाले महंत मोहनदास दो दिनों से लापता

हरिद्वार, शुक्रवार को हरिद्वार से शुक्रवार को मुंबई के लिए देर रात रवाना हुए उदासीन अखाडा के महंत मोहनदास मध्यप्रदेश के भोपाल में ट्रेन से लापता हो गए. आशंका व्यक्त की जा रही है कि उनका अपहरण कर लिया गया. महंत के अपहरण की खबर से सन्तों में आक्रोश है.

बड़ा अखाड़ा में सन्तों का जमावड़ा लगने लगा है. अखाड़ा की तरफ से तहरीर मिलने पर कनखल में जीरो एफआईआर दर्ज कर भोपाल भेजा जा रहा है. अखाड़ा सदस्यों के साथ एक पुलिस टीम भी भोपाल रवाना कर दी गयी है.

एसपी सिटी ममता वोहरा के मुताबिक महंत मोहनदास अपने एक सेवक के साथ लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस से शुक्रवार देर रात 1 बजकर 30 मिनट पर हरिद्वार से रवाना हुए थे. शनिवार की सुबह भोपाल स्टेशन पर सेवादार कुछ खरीदारी करने उतरा था, वापस लौटने पर महंत गायब मिले. उनका मोबाइल लगातार बंद आ रहा है. अखाड़ा से जुड़े सन्त सीधे तौर पर अपहरण का आरोप लगा रहे हैं.

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी का कहना है कि जबसे अखाड़ा परिषद ने फर्जी बाबाओं की सूची जारी की थी तब से मोहन दास समेत परिषद के तमाम पदाधिकारियों को लगातार धमकियां मिल रही थी. उन्होंने आशंका व्यक्त की कि मोहन दास के लापता होने के पीछे एक वजह यह भी हो सकती है.

मोहन दास का मोबाइल लगातार स्विच ऑफ आ रहा है. यह पहली बार है कि मोहनदास अकेले यात्रा कर रहे थे क्योंकि मुंबई में उनके साथी महंत दामोदरदास पहले से मौजूद थे. मोहन दास मुंबई में अपने पेट और यूरिन की तकलीफ के इलाज के लिए जा रहे थे. इससे पहले वह इन्हीं इलाज के लिए 2 सितंबर को भी मुंबई गए थे, लेकिन भगवान चंद्राचार्य की जयंती के कारण व अखाड़ा वापस आ गए थे.

महंत मोहनदास का धार्मिक क्षेत्र में बड़ा महत्व और सम्मान है. वो अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के प्रवक्ता भी हैं.