प्रद्युम्न हत्याकांड की जांच CBI के हवाले, तीन महीने हरियाणा सरकार चलाएगी रेयान स्कूल

रयान इंटरनैशनल स्कूल

हरियाणा सरकार ने गुड़गांव के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में सात साल के स्कूली बच्चे प्रद्युम्न की निर्मम हत्या की सीबीआई जांच की सिफारिश की और स्कूल का प्रबंधन तीन महीने के लिए अपने हाथों में ले लिया. बच्चे के माता-पिता केंद्रीय जांच एजेंसी को यह मामला सौंपने की मांग कर रहे थे.

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कक्षा दूसरी के छात्र प्रद्युम्न ठाकुर के परिवार के सदस्यों से आधे घंटे तक मुलाकात करने के बाद यह घोषणा की. पिछले शुक्रवार को स्कूल के शौचालय में प्रद्युम्न लहूलुहान हालत में मिला था, उसका गला रेता हुआ था.

स्कूल के खिलाफ कोई कार्रवाई किए जाने के बारे में पूछे जाने पर खट्टर ने कहा कि सरकार ने तीन महीने के लिए स्कूल का प्रबंधन अपने हाथ में लेने का फैसला किया है.

उन्होंने गुड़गांव में संवाददाताओं से कहा, ‘यह घटना (प्रद्युम्न की हत्या) दुर्भाग्यपूर्ण है…आज मैं यहां परिवार (मृतक के) से मिलने आया. परिवार के सदस्यों और कई अन्य लोगों की यह मांग थी कि मामला जांच के लिए सीबीआई को सौंप दिया जाए.’

खट्टर ने कहा, ‘इस मामले की हरियाणा पुलिस उचित ढंग से जांच कर रही है. उसके बाद भी और मांग के मद्देनजर यह मामला जांच के लिए सीबीआई को सौंपा जा रहा है. मैं सीबीआई से इस मामले की यथाशीघ्र जांच पूरी करने की अपील करता हूं.’ मुख्यमंत्री प्रद्युम्न के घर गए, जहां उन्होंने उसके परिवार के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की.

उन्होंने कहा, ‘हमने यह फैसला भी किया है कि सरकार स्कूल का प्रबंधन तीन महीने के लिए अपने हाथों में लेगी. उपायुक्त (गुड़गांव) विनय प्रताप सिंह अपनी निगरानी में स्कूल की व्यवस्था को पटरी पर लाएंगे.’ विनय सिंह ने कहा, ‘हरियाणा सरकार ने स्कूल का प्रबंधन अपने हाथ में लेने का फैसला किया है, क्योंकि जांच उपसमिति ने अपनी रिपोर्ट में स्कूल परिसर में विद्यार्थी सुरक्षा के सिलसिले में कई अनियमिताएं पायी थीं.’

खट्टर ने कहा, ‘मैं प्रद्युम्न के माता-पिता के साथ हूं और उन्हें सभी संभव सहायता का आश्वासन देता हूं. मैं उन्हें यह भी आश्वासन दे रहा हूं कि इस मामले में गुनाहगारों, चाहे वह स्कूल प्रबंधन में से हों या बाहर से, नहीं बख्शा जाएगा.’

मृतक के पिता वरुण ठाकुर ने कहा कि ऐसे मामलों में स्कूल की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए. गौरतलब है कि स्कूल बस के कंडक्टर अशोक कुमार को मुख्य संदिग्ध के तौर पर वारदात के दिन ही गिरफ्तार कर लिया गया था.

उन्होंने कहा, ‘भविष्य में स्कूलों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसी घटनाएं उनके परिसरों में नहीं हों.’ वहीं, स्कूल बस के कंडक्टर अशोक कुमार के परिवार ने आरोप लगाया कि पूरी पुलिस जांच में उसे बलि का बकरा बनाया जा रहा है.

राज्य के शिक्षा मंत्री राम विलास शर्मा ने कहा कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के बारे में नियम कायदों को सख्ती से लागू करने के लिए सरकार ने फैसला किया है कि आगामी विधानसभा सत्र में संबद्ध अधिनियम में संशोधन किया जाएगा. शर्मा ने कहा कि इस मामले के आलोक में स्थिति के मद्देनजर गुड़गांव के आयुक्त को तीन महीने के लिए रेयान इंटरनेशनल स्कूल का प्रशासक नियुक्त किया गया है.

उन्होंने कहा कि यदि किसी स्कूल को नियमों का पालन करते नहीं पाया गया तो राज्य सरकार संबद्ध स्कूल को अपने हाथों में ले लेगी और सख्त कार्रवाई की जाएगी.

स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव केके खंडेलवाल ने कहा कि सभी स्कूलों के लिए सुरक्षा पहलू पर नियम कायदे बनाए गए हैं. जिला, सब डिवीजन और स्कूल स्तर पर सुरक्षा समितियां बनाई जाएंगी.

उन्होंने कहा कि सुरक्षा उपायों में बच्चों को सुरक्षित ढंग से पहुंचाना शामिल है, जिनके साथ महिला सुरक्षाकर्मी होंगी और स्कूलों में सभी आगंतुकों के प्रवेश एवं निकास का रिकॉर्ड रखा जाएगा.

खंडेलवाल ने कहा कि बच्चों के आसपास किसी कामगार को पहुंचने की इजाजत नहीं दी जाएगी और स्कूल के समय पर कोई निर्माण कार्य नहीं होगा. महिला सफाईकर्मियों के अलावा किसी भी वयस्क व्यक्ति को बच्चों के शौचालय में जाने की इजाजत नहीं होगी. किसी भी खतरे की मॉक ड्रिल भी की जाएगी. उन्होंने कहा कि स्कूलों से काउंसलर रखने को कहा जाएगा और एक समर्पित चाइल्ड हेल्पलाइन स्थापित की जाएगी. उन्होंने कहा कि नियमों का पालन नहीं किए जाने पर कार्रवाई की जाएगी.