राम रहीम केस : तो ये है पत्रकार रामचन्द्र और मैनेजर रंजीत की हत्या का राज

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह की मुश्किलें कम होने का नाम ही नही ले रही है. दो साध्वियों से यौन शोषण मामले में राम रहीम इन दिनों रोहतक जेल में 20 साल की सजा काट रहे हैं.

राम रहीम के खिलाफ कई अदालतों में करीब 8-10 संगीन मामले चल रहे हैं. उन्हीं में से एक है ‘पूरा सच’ के संपादक रामचन्द्र छत्रपति और डेरे के पूर्व मैनेजर रंजीत की हत्या का मामला.

ये है पहला मामला
पहला मामला सांध्य दैनिक अखबार ‘पूरा सच’ के संपादक पत्रकार रामचंद्र छत्रपति से जुड़ा है.
30 मई 2002 रामचंद्र ने अपने अखबार दो साध्वियों के साथ तथाकथित रूप से हो रहे दुराचार की खबर छापी थी.
24 अक्टूबर 2002 को रामचन्द्र छत्रपति को गोलियों से छलनी कर दिया था.
21 नवम्बर 2002 को छत्रपति की दिल्ली के अपोलो अस्पताल में मौत हो गई थी.
छत्रपति दिल्ली और चंडीगढ़ से से प्रकाशित कई समाचारपत्रों के लिए फ्रीलांसिंग का काम करते थे.

ये है दूसरा मामला
दूसरा मामला डेरे के पूर्व मैनेजर रंजीत की हत्या से जुड़े हैं.
डेरा प्रबंधन को रंजीत सिंह पर साध्वी का पत्र तत्कालीन प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का शक था.
10 जुलाई 2002 को डेरा प्रबंध समिति सदस्य रहे रणजीत सिंह की हत्या की गई थी.
राम रहीम का करीबी होने के नाते रणजीत को उसके पूरे काले कारनामे के बारे में जानकारी थी.
एक अज्ञात पत्र को प्रसारित करने में संदिग्ध भूमिका को लेकर उनकी हत्या कर दी गई थी.

इस मामले में आज पंचकूला की सीबीआई कोर्ट में सुनवाई चल रही है. जहां डेरा प्रमुख राम रहीम की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा पेशी की जायेगी. इस केस में राम रहीम को उम्रकैद तक की सजा मिल सकती है.बाबा राम रहीम केस की सुनवाई सीबीआई के विशेष जज जगदीप सिंह करेंगे. इससे पहले जगदीप सिंह 25 अगस्त को साध्वियों के साथ यौन शोषण केस में 20 साल की सजा सुनाई थी.