संयुक्त राष्ट्र ने म्यांमार से रोहिंग्या मुस्लिमों पर हमले रोकने का आह्वान किया

संयुक्त राष्ट्र।… सयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटरेस ने बुधवार को म्यांमार से रखाइन प्रांत में रोहिंग्याओं के खिलाफ अपना सैन्य अभियान बंद करने का आह्वान किया. इस प्रांत से बड़ी तादाद में रोहिंग्या मुसलमान भागकर बांग्लादेश चले गए हैं.

एक सैन्य चौकी पर रोहिंग्या आतंकवादियों के हमले के बाद म्यांमार की सेना द्वारा 25 अगस्त को शुरू की गयी कार्रवाई करीब 3,80,000 रोहिंग्या मुस्लिम शरणार्थी म्यांमार छोड़कर बांग्लादेश चले गए हैं.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुटरेस ने संरा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘मैं म्यांमार प्रशासन से सैन्य गतिविधियां एवं हिंसा रोकने तथा कानून के शासन का पालन करने और देश छोड़कर जा चुके लोगों के वापसी के अधिकार को मान्यता देने का आह्वान करता हूं.’

संयुक्त राष्ट्र महासभा की वार्षिक बैठक से पहले संवाददाता सम्मेलन में गुटरेस ने संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों, गैर सरकारी संगठनों और अन्य से भी शरणार्थियों के लिए अहम मानवीय सहायता सुनिश्चित करने की अपील की.

उन्होंने कहा, ‘मैं इस संकट के मूल कारणों के समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई का अपना आह्वान दोहराता हूं. रखाइन प्रांत के मुसलमानों को राष्ट्रीयता दी जाए या कम से कम फिलहाल एक कानूनी दर्जा दिया जाए, जिससे उन्हें आवाजाही की स्वतंत्रता, श्रम बाजारों, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच समेत सामान्य जीवन जीने की इजाजत हो.’

उन्होंने सुरक्षाबलों द्वारा नागरिकों पर हमला करने की खबरों को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया. यंगून से प्राप्त समाचार के अनुसार म्यांमार की नेता आंग सान सू की अगले हफ्ते रखाइन प्रांत के संकट पर राष्ट्र को संबोधित करेंगी.

इस हिंसा से सीमा के दोनों तरफ मानवीय संकट पैदा हो गया है और ऐसे में सू की पर पर सैन्य अभियान की निंदा करने का वैश्विक दबाव पड़ रहा है. संयुक्त राष्ट्र ने इसमें जातीय सफाए के सभी संकेत विद्यमान होने की बात कही.

म्यांमार सरकार के प्रवक्ता जॉ हते ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सू की 19 सितंबर को टेलीविजन पर राष्ट्रीय सुलह और शांति के बारे में राष्ट्र को संबोधित करेंगी.