धैर्य, साहस व ईमानदारी तीन स्तम्भ हैं किसी भी सफलता के – राजीव बंसल

इंटरनेशनल हर्बल कारपोरेशन के फाउंडर राजीव बंसल

आज इंटरनेशनल हर्बल कारपोरेशन आयुर्वेद कंपनियों में एक उभरता हुआ नाम बन चुका है. इसका आंकलन ऐसे किया जा सकता है कि मात्र चार वर्षों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगन से आज यह कंपनी पूरे भारतवर्ष की हर्बल कंपनियों में शीर्ष से नवें पायदान पर पहुँच चुकी है. इस उपलब्धि के साथ कंपनी के चेयरमैन राजीव बंसल ने अपने स्वर्णिम अनुभवों को उत्तरांचल टुडे के साथ साझा किया. पेश हैं उसी बातचीत के कुछ अंश-

राजीव बंसल बताते हैं कि उन्होंने महाराष्ट्र के नागपुर से इंजीनियरिंग करने के बाद मार्केटिंग में अपने करियर की शुरुवात की. सूर्या हर्बल से जुड़ कर बतौर मार्केटिंग हेड कंपनी को आगे बढाया. इसी धुन का असर था की मायर ग्रुप ने उनको वाईस प्रेसिडेंट जैसे बड़े पद से नवाज़ा. यहां दो साल तक अपने हुनर को आजमाने के बाद दिल्ली-एनसीआर से रुख किया उत्तराखण्ड की ओर और यहीं अपनी कर्म स्थली बना ली. यह समय था जब शुरुवात हुई बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण द्वारा संचालित कंपनी पतंजलि योगपीठ की. जिसमे बतौर पहले सीईओ के रुप में राजीव ने कार्यभार सम्भाला. राजीब पतंजलि से जुड़े अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताते हैं कि “एक बड़ा लक्ष्य लेके पतंजलि की शुरुवात की गई थी और एक बड़ी चुनोती थी उसको स्थापित करना लेकिन जब धेय्य द्रण हों तो कोई भी लक्ष्य छोटा दिखने लगता है. पूरी द्रणता से लग कर पतंजलि के सारे प्लांट्स एवं मशीनरी की शुरुवात की गई.” लेकिन राजीव को कुछ अलग करना था.

अपने जीवन में वह सिरडी साईं बाबा की विशेष कृपा मानते हैं. उनपर अटूट आस्था का ही असर था कि उन्होंने अपने कारोबार की नीव रखी जिसका नाम उन्होंने इंटरनेशनल हर्बल कारपोरेशन (IHC)रखा. इस बिज़नेस के बारे में बताते हुए राजीव कहते हैं कि IHC के मूलतः दो भाग हैं एक तो मार्केटिंग और दूसरा प्रोडक्शन. मार्केटिंग का काम इंटरनेशनल मार्केटिंग कारपोरेशन, लुधियाना द्वारा मल्टी लेवल मार्केटिंग (एमएलएम) के माध्यम से हों रहा है जबकि सारे हर्बल उत्पाद उत्तराखण्ड के हरिद्वार शहर में IHC के प्लांट्स में तैयार किये जा रहे हैं.

चार साल के छोटे समय काल में दोनों कंपनियों ने नए कीर्तिमान स्थापित किये हैं और 500 करोड़ के लक्ष्य के करीब पहुँच कर नया कीर्तिमान बनाया है. बेहद सादगी और भक्तिमय जीवन के साथ राजीव बंसल अपने सभी लक्ष्यों को पूरा करने में जुटे हुए हैं. उनका मानना है कि बहतर उत्पाद ही आपको लोगों से जोड़ते हैं. IHC के अलावा कंपनी अब कंस्ट्रक्शन व्यवसाय में भी तेज़ी से बढ़ रही है. अपने जीवन में अपनी पत्नी दीप्ति बंसल को अपनी सफलता का कारण बताते हुए राजीव बताते हैं कि उनकी माँ और पत्नी ने ही हर पल उनको आगे बढ़ने की प्रेरणा दी. पत्नी दीप्ति उनके साथ कंपनी में निदेशक के रुप में काम भी करती हैं और कारोबार को आगे बढाने में हर संभव साथ देती हैं. साथ ही वह एक और शख्सियत का नाम लेते हुए बताते हैं कि कंपनी का सारा कारोबार चलाने के पीछे कंपनी के सीईओ राहुल कुमार शुरू से उनके साथ हैं. हर काम को निश्चित समय सीमा पर पूरा करना और बेहतरी के लिए आगे बढ़ाना ही राहुल का मुख्य उद्देश्य रहता है जो राजीव के हर मकसद को आगे बढाता है.

उत्तरांचलटुडे ने जब पूछा कि वह नई पीढ़ी के बारे में क्या सोचते हैं तो राजीव बोलते हैं कि नई पीढ़ी में गजब की ऊर्जा है जिसको सही दिशा की जरूरत है. सही समय पर अगर सही मार्गदर्शन मिल जाए तो कोई भी काम बड़ा नहीं रह जायेगा. बस ध्यान यहीं रखना है कि बिना सीखे कुछ संभव नहीं अतः अपनी पूरी शक्ति सही काम को सीखने में लगा कर अपनी दिशा निर्धारित करैं. सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता अतः ऐसे कामो से बचें जो जल्द मुकाम पर ले जाने के लिए बने हों फिर चाहे गलत रास्ता ही क्यूँ न चुना गया हों. ईमानदारी और धेर्य आपको जरूर मंजिल तक ले जायेंगे यह तय समझिये.”

राजीव बंसल अब एक नए लक्ष्य को लेके आगे बढ़ रहे हैं जिसमें वह वर्ष 2020 तक अपनी कंपनी को 1000 करोड़ की विशाल कंपनी बनाना चाहते हैं साथ ही आने वाले समय में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाना चाहते हैं. कोई भी काम बिना मेहनत और लगन के संभव नहीं ये ही राजीव के जीवन से प्रेरणा मिलती है.