बिहार: गया से 2 संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार

पटना, बुधवार को बिहार पुलिस गया के सिविल लाइंस थानाक्षेत्र से एक संदिग्ध को पकड़ा. पुलिस उसके आतंकी कनेक्शन की जांच कर रही है. चर्चा है कि उसके तार अहमदाबाद में 2008 में हुए ब्लास्ट से हो सकते हैं. यह संदिग्ध गया में अपनी पहचान छुपाकर रह रहा था.सूत्रों के अनुसार संदिग्ध की गिरफ्तारी की सूचना बिहार पुलिस ने गुजरात एटीएस को दे दी है. गुजरात एटीएस की टीम गुरुवार की सुबह गया पहुंचने वाली है. अहमदाबाद में 2008 बम ब्लास्ट हुआ था.

बिहार एटीएस ने एक स्थानीय युवक को भी गिरफ्तार किया है, लेकिन उसके बारे में फिलहाल कुछ भी बताया नहीं जा रहा है. इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद बिहार एटीएस की टीम गया पुलिस के साथ डोभी के आसपास के गांवों में भी छापेमारी कर रही है.पिछले दो-तीन दिनों से गया के राजेंद्र आश्रम मोहल्ला स्थित एक साइबर कैफे में आता था. वहां नेट सर्फिंग करता था, लेकिन अपना कोई पहचान पत्र नहीं देता था. कैफे के मालिक ने उससे आधार कार्ड या कोई भी पहचान पत्र देने को कहा, पर उसने इन्कार कर दिया. तब उसे कैफे से मैसेज करने की मनाही कर दी. वह वहां से जाने लगा. इसी बीच कैफे मालिक को संदेह हुआ और उसने पुलिस को सूचना दे दी. पुलिस ने दो संदिग्धों को वहां से पकड़ा. एक व्यक्ति स्थानीय बताया जा रहा है.
पुलिस दोनों संदिग्धों को पूछताछ के लिए गया के सिविल लाइंस थाना ले आई. वहां दोनों से पूछताछ की गई. उन्होंने दावा किया कि वह डोभी के करमौनी गांव के रहने वाले हैं. पुलिस की एक टीम देर रात सत्यता की जांच के लिए वहां गई है. दोनों व्यक्ति खुद को करमौनी निवासी साबित करने में लगे हैं.

पुलिस ने गया के राजेंद्र आश्रम स्थित साइबर कैफे भी रात में खुलवाया. पुलिस यहां से पिछले तीन दिनों में भेजे गए मैसेज की पड़ताल की कोशिश कर रही थी. देर रात तक टीम इसमें जुटी थी। टेक्निकल और साइबर एक्सपर्ट भी थे, पर कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिला है.पहले से भी बोधगया का महाबोधि मंदिर और गया का विष्णुपद मंदिर आतंकियों के टारगेट पर रहा है.पुलिस प्रशासन की बैठक में इस बात पर बराबर जोर दिया गया है कि सुरक्षा में कोई कोताही नहीं हो.07 जुलाई 2013 को महाबोधि मंदिर में आतंकियों ने सीरियल विस्फोट किया था. इसमें बोधगया के छह स्थानों पर बारी-बारी से विस्फोट की घटना को अंजाम दिया गया था, जिसमें दो भिक्षु भी घायल हो गए थे.