पीएम मोदी ने कश्मीर में आतंकवाद के लिए रास्ते खोल दिए : राहुल गांधी

कैलिफोर्निया|…. अमेरिकी दौरे पर गए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बर्क्ली यूनिवर्सिटी में आयोजित एक समारोह में अपने भाषण के दौरान पीएम मोदी की एक तरफ तो जमकर तारीफ की वहीं दूसरी तरफ उन पर निशाना भी साधा.

राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी मुझसे बेहतर वक्ता है लेकिन उन्होंने कश्मीर में आतंकवाद के लिए रास्ते खोल दिए. अपने भाषण में राहुल बोले कि मोदी मेरे भी प्रधानमंत्री हैं, उनमें कई खूबियां हैं मसलन वो शानदार वक्ता है, मुझसे भी अच्छे. वो जानते हैं कि भीड़ में तीन-चार समुहों को क्या संदेश देना इसलिए उनकी संदेश देने की क्षमता काफी प्रभावी है.

कश्मीर में बढ़ा आतंकवाद

राहुल ने कश्मीर में जारी स्थिति को लेकर कहा कि मैं पर्दे के पीछे से लगातार पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, पी चिंदबरम, जयराम रमेश व अन्य के साथ 9 साल तक आतंकवाद को खत्म करने के लिए काम करता रहा. जब हमने शुरू किया था तो कश्मीर में आतंक बढ़ा हुआ था लेकिन 2013 तक हमने उसकी रीढ़ तोड़ दी थी. इसके बाद मैंने मनमोहन सिंह जी को गले लगाया और कहा कि यह हमारी सबसे बड़ी सफलताओं में से एक है.

मेरे खिलाफ लगी है भाजपा की टीम

राहुल ने भाजपा द्वारा लगातार निशाना बनाए जाने की बात करते हुए कहा कि भाजपा ने मेरे खिलाफ टीम लगा रखी है. यह टीम 1000 लोगों की है जो हर वक्त कम्प्यूटर पर बैठकर मेरे खिलाफ लिखती रहती है. वो मेरे खिलाफ घृणा फैलाते रहते हैं और इस पूरे ऑपरेशन को वो व्यक्ति चलाता है जो देश को चला रहा है.

पूरे देश में चल रहा है वंशवाद

वंशवाद पर राहुल गांधी ने कहा कि ज्यादातर देश इसी तरह चल रहा है सिर्फ मेरी बात मत कीजिए. अखिलेश यादव, स्टालिन, धूमल के बेटे भी मेरी ही तरह वंशज हैं. मुकेश अंबानी, अभिषेक बच्चन भी वंशज हैं और इसी तरह पूरा देश चल रहा है.

अपने अहंकार के कारण हारी कांग्रेस

राहुल गांधी ने माना कि साल 2012 के आसपास कांग्रेस दंभ में चूर थी, इसलिए काफी नुकसान उठाना पड़ा. इसके बाद पार्टी को पुनर्निर्माण की जरूरत है.

राहुल ने माना कि कांग्रेस के दिग्‍गज नेताओं ने गलतियां की थी. 2012 में एक निश्चित दंभ पार्टी में आ गया था और हमने जनता के साथ बातचीत करनी बंद कर दी थी. इसके बाद हमें पार्टी का पुनर्निर्माण करने की आवश्‍यकता थी, हमें एक ऐसा विजन तैयार करने की जरूरत है जो हमें आगे बढ़ने में मदद करे. देखिए, भाजपा इस समय जो कुछ भी कर रही है, वो सब हम पहले ही कह चुके हैं, जैसे कि मनरेगा और जीएसटी.

नोटबंदी पर भी साधा निशाना

राहुल ने नोटबंदी के फैसले की जमकर निंदा की. उन्होंने कहा कि नोटबंदी लागू करने के लिए चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर या संसद की राय भी नहीं ली गई. राहुल ने बताया कि नोटबंदी की वजह से जीडीपी में 2 फीसद की गिरावट आई. भारत में नई नौकरियां बिलकुल पैदा नहीं हो रही हैं. वहीं आर्थिक विकास की रफ्तार भी नहीं बढ़ रही है. अर्थव्यवस्था को लेकर किए गए कुछ गलत फैसलों की वजह से किसानों की आत्महत्या के मामले बढ़ रहे हैं. इसके साथ ही राहुल गांधी ने चेतावनी दी कि हाल में सरकार की ओर से लिए गए आर्थिक फैसलों से पूरी की पूरी अर्थव्यवस्था के पटरी से उतर जाने का खतरा है.

सांप्रदायिक और ध्रुवीकरण करने वाली ताकतें मजबूत

राहुल गांधी ने दावा किया कि मोदी सरकार में सांप्रदायिक और ध्रुवीकरण करने वाली ताकतें मजबूत हो रही हैं. नोटबंदी और जल्दबाजी में जीएसटी लागू करने से देश की अर्थव्यवस्था का पटरी से उतरने का खतरा पैदा हो गया है. राहुल ने कहा कि लिबरल जर्नलिस्ट्स की हत्या की जा रही है, दलितों को पीटा जा रहा है, मुस्लिमों और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है. अहिंसा का आइडिया आज खतरे में है. यही विचार है, जो मानवता को आगे ले जा सकता है. नफरत, गुस्सा और हिंसा हमें बर्बाद कर सकता है. ध्रुवीकरण की राजनीति बेहद खतरनाक है.

राहुल ने स्टूडेंट्स के सवालों का जवाब भी दिया. सिखों के साथ हिंसा को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उनकी दादी सिखों से बेहद प्यार करती थीं और एक वक्त उनके घर में काफी सिख थे. राहुल ने कहा कि उन्होंने हिंसा की वजह से ही अपनी दादी और बाद में पिता को खोया है. ऐसे में अगर वह हिंसा के प्रभाव को नहीं समझेंगे तो कोई और क्या समझेगा? उन्होंने कहा कि वह लोगों को न्याय दिलाने और हिंसा के विरोध के लिए हमेशा खड़े हैं.