आखिर शादी में इस खास उंगली में ही क्यों पहनाई जाती है अंगूठी, जानें

शादी दो इंसानों का नहीं बल्कि दो परिवारों का मिलन होता है जहां दो अलग-अलग संस्कृतियों को एक पवित्र बंधन में बांधा जाता है.विवाह एक ऐसा रिश्ता है तो दो दिलों का मिलान तो है ही साथ में आत्मीयता का रूप भी है. आप ये तो जानते ही है की शादी विवाह हर देश में अलग अलग तरीकों से मनाये जाते है. हिन्दू धर्म में विवाह की रस्म के साथ एक और खास रस्म होती है सगाई की, जिसमे वर वधु एक दुसरे को अंगूठी पहनाते है.

पर आपने कभी गौर किया है की विवाह की अंगूठी सिर्फ अनामिका उंगली(रिंग फिंगर) में ही पहनाई जाती है और ऐसा सिर्फ भारतीय शादियों में नहीं होता बल्कि विदेशों में ही ये अंगूठी की रस्म काफी कीमती होती है. और ख़ास बात है की विदेशी शादियों की रिवाजों में भी अंगूठी अनामिका उंगली में ही पहनाई जाती है. इस उंगली को रिंग फिंगर भी कहा जाता है. आईये जानते है आखिर क्या खासियत है इस उंगली में की अंगूठी के रस्म के लिए इसे ही चुना जाता है.

अमेरिकी थ्योरी : अमेरिका में ऐसा कुछ खास स्पष्ट नहीं बताया गया है की इस रस्म के लिए इस उंगली को क्यों चुना गया है पर ये तर्क जरूर दिया कि ये उंगली बाकी अन्य उंगलियों से काफी सुरक्षित रहती है.

हिन्दू संस्कृति : ज्योतिष के अनुसार हर उंगली का इंसान के भाग्य को लेकर अपना महत्व होता है. और अनामिका उंगली संबंधों के भविष्य को प्रभावित करती है. इस वजह से अंगूठी इसी उंगली में पहनाई जाती है.

चाइनीज़ थ्योरी : चीन की संस्कृति में माना जाता है की अनामिका उंगली यानि रिंग फिंगर जीवन साथी से संबंधों को कण्ट्रोल करती है और इसपर अंगूठी पहनने से रिश्ता हमेशा पकड़ में रहता है और संपन्न रहता है.

रोमन थ्योरी : रोमन संस्कृति के अनुसार शरीर में एक अमोरिस नस होती है जो दिल से सीधे बाएं हाथ की चौथी उंगुली से जुड़ी होती है. इस जुड़ाव की वजह से इसे प्रेम संबंधों को निर्धारित करने वाली नस माना जाता है. माना जाता है की इस उंगली में अंगूठी पहनने से अपने जीवन साथी के साथ सबसे खास दिल का रिश्ता बनता है.