ऑस्ट्रेलिया : ‘मांस खाते भगवान गणेश’ के विज्ञापन पर बढ़ा विवाद

कैनबेरा|….. मेमने का मांस खाते भगवान गणेश वाले विज्ञापन पर विवाद बढ़ गया है. भारत ने ऑस्ट्रेलिया के सामने कूटनीतिक विरोध दर्ज कराया है. ऑस्ट्रेलिया के 3 सरकारी विभागों, फॉरेन अफेयर्स, कम्युनिकेशंस और ऐग्रिकल्चर डिपार्टमेंट को कैनबरा स्थित भारतीय उच्चायोग ने ‘मीट ऐंड लाइवस्टॉक ऑस्ट्रेलिया’ के विवादित ऐड को लेकर विरोधपत्र भेजते हुए इस मामले में ऐक्शन लेने की अपील की गयी है. इसमें कहा गया है कि इस विज्ञापन से भारतीय समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं. ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय के विरोध का संज्ञान लेते हुए भारतीय उच्चायोग ने कहा है कि मांस उत्पादक समूह ‘मीट ऐंड लाइवस्टॉक ऑस्ट्रेलिया’ का यह विज्ञापन भद्दा और अपमानजनक है. विज्ञापन ने भारतीय समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत की हैं.

भारतीय उच्चायोग ने जानकारी दी कि सिडनी में भारत के महावाणिज्य दूत ने इस मामले को सीधे मीट ऐंड लाइवस्टॉक ऑस्ट्रेलिया के समक्ष उठाते हुए उनसे इस ऐड को हटाने की मांग की है. कई सामुदायिक संगठनों ने भी ऑस्ट्रेलिया की सरकार और ‘मीट ऐंड लाइवस्टॉक ऑस्ट्रेलिया’ के सामने विरोध दर्ज कराया है. यू ट्यूब ने इस वीडियो को बंद कर दिया है. वीडियो के लिंक पर क्लिक करने पर यह संदेश आ रहा है- This content is not available on this country domain due to a legal complaint from the government.

क्या है विज्ञापन में ?

ऑस्‍ट्रेलिया में एक आपत्तिजनक वीडियो पर विवाद पैदा हो गया था. जानकारी के अनुसार विज्ञापन में एक टेबल पर भगवान गणेश और अन्‍य धर्मों के ईश्‍वरीय रूपों को मेमने के मांस के उपभोग को बढ़ावा देते हुए दिखाया गया है जिसके बाद से लोगों में उबाल है. ऑस्ट्रेलिया में रह रहे हिन्दू समुदाय ने इस विवादित विज्ञापन को वापस लेने की मांग की है. मीडिया की मानें तो मीट एंड लाइवस्टॉक ऑस्ट्रेलिया (एमएलए) की ओर से जारी विज्ञापन को पहले ही ऑस्ट्रेलियाई मानक ब्यूरो के संज्ञान में दिया जा चुका है. विज्ञापन में गणेश के अलावा यीशु, बुद्ध, थॉर और जीउस को खाने की एक मेज की चारों ओर बैठकर मेमने का मांस खाते हुए दर्शाया गया है.

क्या कहा गया है विज्ञापन में ?

विज्ञापन में कहा गया है कि ‘मेमने के मांस को हम सभी खा सकते हैं.’ इंडियन सोसाइटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के प्रवक्ता ने विज्ञापन की निंदा की है और इसे असंवेदनशील करार दिया है. प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें मेमने का मांस खाते हुए और अपने लिए नयी मार्केटिंग नीति पर विचार करते हुए दिखाया गया है. समुदाय के लिहाज से वह बहुत ही निंदनीय और असंवेदनशील है. इस विज्ञापन को लेकर लोगों की तीखी प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर देखने को मिल रही है.