जानेमाने अधिवक्ता राम जेठमलानी ने वकालत से लिया सन्यास

देश के जानेमाने अधिवक्ता राम जेठमलानी ने रविवार को सात दशक लंबे वकालत के करियर से संन्यास लेने की घोषणा की. 94 वर्षीय जेठमलानी ने सात दशक लंबे वकालत के करियर से संन्यास लेने की घोषणा करते हुए शासन के मौजूदा स्तर को विपत्ति करार दिया और कहा कि वह भ्रष्ट राजनेताओं के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे. उन्होंने कहा, ‘‘देश अच्छी स्थिति में नहीं है.पिछली और मौजूदा दोनों सरकारों ने देश को बहुत बुरी तरह नीचा दिखाया है.’’

जेठमलानी ने कहा, ‘‘इस बड़ी विपत्ति से उबारने की जिम्मेदारी बार के सदस्यों की और सभी अ‘छे नागरिकों की है.’’ उन्होंने कहा कि इन लोगों को इस बात के लिए भरसक प्रयास करने चाहिए कि सत्ता में बैठे लोगों को जल्द से जल्द बाहर का रास्ता दिखाया जाए.

वह भारत के नए प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा को सम्मानित करने के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे.इस मौके पर जेठमलानी ने कहा, ‘‘मैं यहां आपको केवल यह कहने आया हूं कि मैं अपने पेशे से संन्यास ले रहा हूं लेकिन जिंदगी रहने तक नई भूमिका अपना रहा हूं. मैं भ्रष्ट राजनेताओं से लडऩा चाहता हूं जिन्हें सत्ता के पदों पर लाया गया है और मुझे उम्मीद है कि भारत की स्थिति अच्छी शक्ल लेगी.’’