शहीद कमांडो कर्नल की पत्नी बनी सेना में लेफ्टिनेंट

जम्मू एवं कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान शहीद हुए सेना के कमांडो कर्नल संतोष महादिक की विधवा पत्नी स्वाती महादिक सेना में अफसर बन गई हैं. उन्हें आर्मी ऑफिसर के रूप में कमिशन किया गया है.

सेना की अधिकारी बनने के बाद स्वाति महादिक ने कहा कि मेरे पति का पहला प्रेम यह यूनिफॉर्म और उसकी यूनिट थी, इसलिए मैंने इस यूनिफॉर्म को पहनना उचित समझा. कर्नल संतोष महादिक वर्ष 2015 में जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के साथ लड़ते हुए शहीद हो गये थे.उन्होंने बताया कि कर्नल संतोष के शहीद होने के बाद वो टूट गई थीं लेकिन अपने पति के सपने को पूरा करना चाहती थीं. स्वाति ने सेना में शामिल होने के लिए परीक्षा दी और आधिकारिक तौर पर अधिकारी नियुक्त की गई.

दो बच्चों की मां स्वाती सर्विस सलेक्शन बोर्ड (एसएसबी) के सामने हाजिर हुई. लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में वह पास करते हुए स्वाती ने आखिरकार वो मुकाम पा ही लिया जिसके लिए वो जी जान से जुटी थी. गौरतलब है कि पिछले वर्ष 17 नवंबर 2015 को कर्नल महादिक और उनके साथियों पर घात लगाकर हमला किया गया था. हमले के समय अपने साथियों के साथ महादिक नियंत्रण रेखा के समीप घुसपैठ करने वाले आतंकवादियों की छापामारी कर रहे थे. हमले में शहीद हुए महादिक को गणतंत्र दिवस के मौके पर शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था.

सेना की अधिकारी बनने के बाद स्वाति महादिक ने कहा कि मेरे पति का पहला प्रेम यह यूनिफॉर्म और उसकी यूनिट थी, इसलिए मैंने इस यूनिफॉर्म को पहनना उचित समझा. कर्नल संतोष महादिक वर्ष 2015 में जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के साथ लड़ते हुए शहीद हो गये थे.उन्होंने बताया कि कर्नल संतोष के शहीद होने के बाद वो टूट गई थीं लेकिन अपने पति के सपने को पूरा करना चाहती थीं. स्वाति ने सेना में शामिल होने के लिए परीक्षा दी और आधिकारिक तौर पर अधिकारी नियुक्त की गई.

दो बच्चों की मां स्वाती सर्विस सलेक्शन बोर्ड (एसएसबी) के सामने हाजिर हुई. लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में वह पास करते हुए स्वाती ने आखिरकार वो मुकाम पा ही लिया जिसके लिए वो जी जान से जुटी थी. गौरतलब है कि पिछले वर्ष 17 नवंबर 2015 को कर्नल महादिक और उनके साथियों पर घात लगाकर हमला किया गया था. हमले के समय अपने साथियों के साथ महादिक नियंत्रण रेखा के समीप घुसपैठ करने वाले आतंकवादियों की छापामारी कर रहे थे. हमले में शहीद हुए महादिक को गणतंत्र दिवस के मौके पर शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था.