भोपाल : बिना परीक्षा दिए ही पास हो गए 10वीं और 12वीं के सैकड़ों स्टूडेंट

भोपाल, राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान द्वारा प्रदेश में आयोजित सीनियर सेकेण्डरी (10+2) बारहवीं की परीक्षा में भारी गड़बड़ी उजागर हुई है बिना परीक्षा दिए ही हजारों परीक्षार्थी छात्र-छात्राओं को उत्तीर्ण घोषित कर दिया है. रतलाम, सीहोर और उमरिया स्थित परीक्षा केन्द्रों की छानबीन के बाद दस्तावेजिक प्रमाण के आधार पर आम आदमी पार्टी ने इसका खुलासा किया है. पार्टी के प्रदेश संयोजक आलोक अग्रवाल ने इसे व्यापमं से भी बड़ा घोटाला बताते हुए पूरे मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय की देखरेख में एस.आई.टी. गठित कर कराने की मांग की है.

इस साल रतलाम जिले के केन्द्रीय विद्यालय सगोद में आयोजित राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयीन शिक्षा संस्थान की बारहवीं की परीक्षा में केन्द्र में 693 परीक्षार्थी शामिल हुए जिनमें से मात्र 19 परीक्षार्थियों ने ही पूरे विषय में उपस्थित होकर परीक्षा दी जबकि 674 परीक्षार्थी परीक्षा देने ही नहीं आए, इसी तरह जवाहर नवोदय विद्यालय सीहोर केन्द्र में 353 परीक्षार्थियों को शामिल किया गया था जिसमें मात्र 2 छात्र परीक्षा में मौजूद रहे जबकि 351 ने परीक्षा ही नहीं दी.

नवोदय विद्यालय उमरिया के परीक्षा केन्द्र में भी ऐसा ही हुआ. यहां 178 परीक्षार्थी शामिल किए गए जिसमें मात्र 3 परीक्षार्थियों ने ही परीक्षा दी जबकि 175 अनुपस्थित रहे. इसके बावजूद जब परिणाम आया तो कोई भी परीक्षार्थी अनुत्तीर्ण नहीं हुआ. कुछ परीक्षार्थी एक दो विषय में पूरक आए, लेकिन अधिकांश परीक्षार्थी उत्तीर्ण कर दिए गए.

आम आदमी पार्टी ने इसे प्रदेश में हुए व्यापमं घोटाले से भी बड़ा घोटाला बताया है. संस्थान के मध्यप्रदेश में 280 परीक्षा केन्द्र हैं इनमें 3 परीक्षा केन्द्रों की परीक्षा में उपस्थिति पत्रक और परीक्षा परिणाम की छानबीन में चौकाने वाले तथ्य सामने आए. इस गड़बड़झाले में बड़े पैमाने पर लेनदेन और पूरे प्रदेश में इस तरह की गड़बड़ी की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है. बहुत संभव है कि संस्थान द्वारा आयोजित की जाने वाले परीक्षाओं में भी इस तरीके की गड़बड़ियां हो रही हों.
विदेशी छात्र भी पास
छानबीन से यह तथ्य भी सामने आया कि इस संस्थान की परीक्षा में अफ्रीकन छात्र भी शामिल हुए और उत्तीर्ण रहे. उन्होंने 2015 में भिण्ड के उमाभारती हायर सेकेण्डरी स्कूल परीक्षा केन्द्र से परीक्षा दी और हिन्दी में 56 अंक भी प्राप्त किए जो संदेह को जन्म दे रहे हैं.

‘आप’ का मानना है, कि संस्थान द्वारा आयोजित किए जाने वाले हायर सेकेण्डरी परीक्षा देश के करोड़ों युवाओं की जिंदगी से खिलवाड़ किया गया है. इतने बड़े घोटाले के असली सूत्रधार का चेहरा सामने लाने के लिए पूरे प्रकरण और ‘निओस’ के सभी परीक्षा केन्द्रों की जांच सर्वोच्च न्यायालय की देखरेख में विशेष जांच दल गठित कर की जाए. जिन तीन परीक्षा केन्द्रों के दस्तावेजिक प्रमाण गड़बड़ी को लेकर सामने आया हैं उनमें प्रबंधकों की गिरफ्तारी कर तीनों केन्द्रों का पंजीयन तत्काल निरस्त किया जाए, आप नेता आलोक अग्रवाल ने इस मांग को लेकर प्रदेश भर में प्रदर्शन की चेतावनी देते हुए न्यायालय की शरण में जाने की बात कही है. पूरे मामले को लेकर संस्थान का पक्ष जानने के लिए राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय संस्थान के निदेशक साहिब रजा़ खान और क्षेत्रीय निदेशक डॉ. ए.के. शर्मा से दूरभाष पर संपर्क बनाने का प्रयास किया गया किन्तु संपर्क नहीं हो सका.