आजादी के 70 साल बाद उत्तराखंड के इन 63 गांवों में पहुंचेगी बिजली

उत्तराखंड में बिजली से वंचित सभी 63 गांवों के घर इस साल दीपों के पर्व दीवाली से पहले रोशन कर दिए जाएंगे. आजादी के 70 साल बाद भी यह गांव आदिम युग में जी रहे हैं. अब उम्मीद है कि शासन का यह वादा इस बार पूरा हो जाएगा.

राज्य की ऊर्जा सचिव राधिका झा ने इस संबंध में गुरुवार को अस्थायी राजधानी देहरादून में एक बैठक में उत्तराखंड ऊर्जा निगम, ग्रामीण विद्युतीकरण निगम सहित सभी संस्थाओं को निर्देश जारी करते हुए प्रदेश के बिजली से वंचित गांवों को दीवाली से पहले यह लक्ष्य हासिल कर लेने को कहा.

देहरादून में दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत राज्य में शेष बचे बिजली से वंचित 63 गांवों में बिजली पहुंचाने के संबंध में हुई बैठक में राधिका ने ऊर्जा निगम को आगामी 20 सितंबर तक आरक्षित क्षेत्र में स्थित सभी 17 गांवों के लिए ​वन विभाग से अनापत्ति पत्र प्राप्त कर लेने को कहा.

ऊर्जा निगम ने इस संबंध में अवगत कराया कि इसी माह उत्तरकाशी जिले के मोरी क्षेत्र के राला और फिताडी गांव तथा पिथौरागढ़ जिले के पातो, बुई और जिप्ती को ग्रिड तथा गो, मारछा, सीपू, उमछिया एवं कुटी में सौर ऊर्जा की व्यवस्था की जाएगी, जबकि अन्य गांवों को भी जल्द से जल्द विद्युतीकृत करने की कार्यवाही चल रही है.