उत्तराखंड के 28 शिक्षकों को ‘गवर्नर्स टीचर्स अवार्ड’ सम्मान

उत्तराखंड के राज्यपाल डॉ. कृष्णकांत पाल ने मंगलवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य के विद्यालयों के 28 शिक्षकों को ‘गवर्नर्स टीचर्स अवार्ड’ से सम्मानित किया.

अस्थायी राजधानी देहरादून के राजभवन में आयोजित एक कार्यक्रम में राज्य के प्रत्येक जिले से चयनित माध्यमिक शिक्षा व प्राथमिक शिक्षा के एक-एक शिक्षक और संस्कृत शिक्षा के लिए राज्य स्तर पर चयनित दो शिक्षकों को सम्मानित किया गया.

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी मौजूद रहे. राजभवन से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, शिक्षकों का चयन शिक्षा में नवाचार, नामांकन, बेहतर परीक्षा परिणाम, सामाजिक कार्यों, विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता आदि में उत्कृष्ट योगदान रहा.

सम्मानित किए गए शिक्षकों को 10-10 हजार रुपये की राशि के साथ ही राज्यपाल की ओर से चार-चार पुस्तकें भी भेंट की गईं, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषणों के संकलन ‘मन की बात’, महात्मा गांधी की ‘माई एक्सपेरीमेंट विद ट्रूथ’, प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया’ व पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एस. राधाकृष्णन की ‘लीविंग विद द परपज’ पुस्तकें शामिल हैं.

वर्ष 2015 में राज्यपाल डॉ. पाल ने ‘गवर्नर्स टीचर्स अवार्ड’ की शुरुआत की थी. इस वर्ष से संस्कृत शिक्षा के भी दो शिक्षकों को सम्मानित किए जाने की शुरुआत की गई है. इस मौके पर शिक्षकों को बधाई देते हुए राज्यपाल ने उनसे गुरू बनने का प्रयास करने की जरूरत जतायी और कहा कि शिक्षक शिक्षा देता है, जबकि गुरू ज्ञान देता है.

उन्होंने कहा कि जब शिक्षक गुरू बनकर अपने विद्यार्थियों को ज्ञान देंगे तब बच्चे स्वतः ही उनका सम्मान करेंगे और आजीवन उनके प्रति कृतज्ञ रहेंगे. पाल ने कहा कि राष्ट्रनिर्माण में सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका शिक्षक की होती है.