जानें, लखनऊ मेट्रो की कुछ खास बातें

लखनऊ, अब आप लखनऊ मेट्रो का सफर करने जा रहे हैं तो यह भी जानिए कि देश में सबसे सस्ता सफर कौन सी मेट्रो कराती है. देश में सबसे सस्ता सफर कोलकाता मेट्रो का है, जहां न्यूनतम किराया पांच रुपये और अधिकतम 25 रुपये है. अब बात लखनऊ की करें तो यहां मेट्रो का ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग तक की साढ़े आठ किलोमीटर की दूरी का किराया 30 रुपये होगा. इस रूट पर न्यूनतम किराया 10 रुपये तय किया गया है. वहीं कोलकाता मेट्रो में 30 किलोमीटर की यात्रा पर अधिकतम किराया 25 रुपये किराया है. कोलकाता मेट्रो में पहले पांच किलोमीटर का पांच रुपये, पांच से 10 किलोमीटर का 10 रुपये, 10 से 15 और 15 से 20 किलोमीटर का 15 रुपये किराया है. वहीं20 से 25 किलोमीटर का 20 रुपये जबकि 25 से 30 किलोमीटर की यात्रा का किराया 25 रुपये है.

उधर, लखनऊ मेट्रो में प्रस्तावित दूसरे चरण के बाद 23 किलोमीटर की दूरी की यात्रा का किराया 60 रुपये तय किया गया है, जो कि कोलकाता मेट्रो से तीन गुना अधिक होगा.

किराये के लिए जोन में बंटे स्टेशन

जोन                                 किराया

एक स्टेशन की यात्रा –               10 रु.

दो स्टेशन की यात्रा-                  15 रु.

तीन से छह स्टेशन की यात्रा-         20 रु.

सात से नौ स्टेशन की यात्रा-          30 रु.

दस से तेरह स्टेशन की यात्रा-         40 रु.

14 से सत्रह स्टेशन की यात्रा-         50 रु.

18 स्टेशन से अधिक की यात्रा-        60 रु.

मेट्रो ने स्टेशनों पर नियंत्रण रखने के लिए आठों स्टेशन पर कुल 544 सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं. प्रबंध निदेशक कुमार केशव के मुताबिक प्रत्येक स्टेशन पर 54 कैमरे लगाए गए हैं. वहीं स्टेशनों पर सुरक्षा की दृष्टि से नौ बैगेज स्कैनर, 19 डीएफएमडी, 38 एचएचएमडी लगाए गए हैं.

मेट्रो के स्टेशनों की सुरक्षा की कमान पीएसी और प्राइवेट गार्ड के जिम्मे होगी. इसके लिए बाकायदा ट्रेनिंग दी गई है. स्टेशन व डिपो में लगाए गए पीएसी बल के कर्मियों के ऑपरेशनल कंट्रोल की जिम्मेदारी उप सेनानायक के कंधों पर होगी. वहीं, मेट्रो स्टेशनों की सुरक्षा के ऑपरेशनल कंट्रोल के अधिकारी एसएसपी लखनऊ होंगे. नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के आठों स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था तीन पालियों में होगी. मेट्रो सुरक्षा के लिए एक दल नायक, 33 उप निरीक्षक/प्लाटून कमांडर, 120 आरक्षी, डॉग स्क्वायड आदि मिलाकर कुल 170 सुरक्षा कर्मी पीएसी/पुलिस ने तैयार किए हैं. वहीं एलएमआरसी द्वारा डिपो एवं मेट्रो स्टेशनों की सुरक्षा के लिए निजी कंपनी के 151 सुरक्षा गार्ड लगाए गए हैं. हर स्टेशन पर सुरक्षा कर्मियों व गार्डों की तैनाती की गई है.

मेट्रो के प्रति कोच में पीक सीजन में सफर कर सकेंगे 327 यात्री, करीब 186 यात्री बैठ सकेंगे.

चार कोच में कुल 1310 यात्री बैठ सकते हैं.

मेट्रो जिस ट्रैक गेज पर दौड़ेगी वह 1435 एमएम का है.

ट्रैक्शन सिस्टम यानी जिस करंट पर दौड़ेगी वह 25केवी एसी ओएचई होगा.

सिगनलिंग प्रणाली सबसे आधुनिक कम्यूनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल आधारित.

फेयर कलेक्शन सिस्टम : आटो मेटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम होगा.

औसत गति: 33 से 34 किमी प्रति घंटा.

प्रति कोच में वरिष्ठ नागरिक व महिलाओं के लिए सीटे होंगी आरक्षित.