जिंदगी और मौत की जंग की इस कहानी को पढ़कर आप हो जायेंगे हैरान

सिडनी|….. जिंदा रहने के लिए लड़ना जरूरी है, मौत तब तक नहीं आती जब तक आप हार नहीं मान लेते. ऑस्ट्रेलिया में एक शख्स ने कुछ ऐसा ही उदाहरण पेश किया है. एक वीरान रास्ते पर जा रहे इस शख्स की कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई और उसके बाद शुरू हुई जिंदगी और मौत की जंग जिसमें हौंसले ने मौत को हरा दिया.

खबरों के अनुसार ऑस्ट्रेलिया के 21 साल थॉमस मैसन पेशे से तकनीशियन हैं और दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया की सीमा पर एक सुनसान इलाके में काम कर रहे थे. दिन का काम खत्म करने के बाद जब वो घर लौट रहे थे तो उनकी कार एक ऊंट से टकरा गई. इस दुर्घटना में थॉमस तो बच गए लेकिन कार चलने लायक नहीं रही. जिस जगह थॉमस थे वहां से सबसे करीब एक कस्बा था जिसकी दूरी 150 किमी थी. हार मानने की बजाय थॉमस ने लड़ना जरूरी समझा और उस कस्बे की तरफ निकल पड़े. 150 किमी दूरी तय करने के लिए उनके पास ना खाना था ना पानी लेकिन फिर भी वो चलते रहे. रास्ते में एक वक्त ऐसा भी आया जब उन्हें पानी की कमी पूरी करने के लिए खुद का पेशाब पीना पड़ा.

थॉमस ने बताया कि वो जानते थे कि अगर वो रूके तो वहीं मरने वाले हैं या फिर हाईवे तक पहुंचकर मदद ले सकते हैं. उन्होंने बताया कि मेरे दिमाग में खयाल आया कि लोगों को इस बात का अहसास होने में कितना वक्त लगेगा कि मैं वापिस नहीं लौटने वाला. रास्ते में चलते कई बार मुझे लगा कि अब में हिम्मत खो कर जमीन पर गिर जाऊं. दूसरी तरफ जब थॉमस दो दिन तक घर नहीं लौटे तो उनके माता-पिता को गड़बड़ होने का अहसास हुआ. लेकिन हिम्मत और हौंसले के दम पर तब तक थॉमस हाईवे पर पहुंच चुके थे. यहां उन्हें मदद मिली और उन्होंने अपने मात-पिता को सूचना दी. थॉमस के अनुसार मैंने सोचा भी नहीं था कि मुझे मदद ना मिलती तो वहां एक रात और कैसे रहता.