मंत्रियों और सेना प्रमुख बिपिन रावत ने लिया चीन बॉर्डर के आसपास सड़क निर्माण का जायजा

केन्द्र सरकार ने अरुणाचल प्रदेश में चीन के सीमावर्ती इलाकों में चल रही सड़क एवं अन्य ढांचागत योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की है. गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि चीन के साथ ताजा सीमा विवाद के मद्देनजर इन परियोजनाओं की समीक्षा की जा रही है.

केन्द्रीय मंत्री किरण रिजीजू, जनरल (सेवानिवृत्त) वीके सिंह और सेना प्रमुख बिपिन रावत सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने सोमवार को समीक्षा बैठक में भारत-चीन सीमा पर निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया. लगभग एक घंटे तक चली बैठक के बाद जनरल रावत ने बताया कि हमने अरुणाचल प्रदेश में चीन की सीमा से सटे इलाकों में चल रही सड़क एवं अन्य परियोजनाओं पर विचार विमर्श किया.

भारत और चीन की 3488 किमी लंबी सीमा का 1126 किमी हिस्सा अरुणाचल प्रदेश में है. चीन के सीमावर्ती इलाकों में ढांचागत सुविधाओं के अभाव के कारण उपजे हालात के मद्देनजर केन्द्र सरकार ने इस इलाके में 73 महत्वपूर्ण सड़कों का निर्माण कार्य शुरू किया है. इनमें से 804.93 किमी लंबी 27 सड़कों का गृह मंत्रालय द्वारा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में निर्माण कराया जा रहा है.

इनकी अनुमानित लागत 1937 करोड़ रुपये है. इनमें से 15 सड़कें सीमा सड़क संगठन और अन्य सड़कें केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाई जा रही है. निर्माणाधीन सड़क परियोजनाओं में से आठ का काम पूरा हो चुका है.