देहरादून : सितंबर में भरने होंगे 7 जीएसटी रिटर्न

देहरादून, सितंबर में कम से कम 7 जीएसटी रिटर्न भरने होगे. भारत में पहली बार व्यावसायों को जीएसटीएन पोर्टल पर इनवॉइस रिटर्न द्वारा इनवॉइस भरना होगा. जीएसटीपीएस और व्यावसाय दोनों को ही इसमें होने वाली जटिलता को प्रबंधित करने की जरूरत पड़ेगी. जीएसटीपीएस अपने ग्राहकों को रिटर्न दाखिल करने में मदद करेंगे, वहीं दूसरी ओर व्यावसायों को सटीक डिजिटलीकृत इनवॉइसेस से उन्हें सपोर्ट करना होगा और यदि कोई संदेह है तो उसे दूर करना होगा. ऐसे में अनुपालन एक साझा जिम्मेदारी होगी.

देश की प्रमुख बिजनेस सॉफ्टवेयर प्रदाता टैली सॉल्यूशंस व्यावसायों एवं जीएसटीपी को पहला रिटर्न आसानी से भरने में मदद के लिए चौतरफा योजना के साथ काम कर रही है. इसने जीएसटी कॉम्पलाएंट भारत के लिए मार्ग प्रशस्त किया है. जीएसटी के लागू होने के बाद से, कंपनी ने व्यावसायों को जीएसटी के लिए तैयार करने का काम किया है. इनमें से अधिकांश को इनवॉइस के फॉर्मेट, उनके बुक्स में उनका लेखा कैसे किया जाये, एचएसएन/एसएसी कोड आदि से संबंधित कई संदेह उनके जेहन में थे. टैली व्यावसायों को जीएसटी के लिए तैयार करने हेतु उन्हें शिक्षित करने पर फोकस कर रहा है. अब जबकि रिटर्न आ रहे हैं, हमारा फोकस लोगों को रिटर्न भरने के लिए तैयार करना है. कंपनी ने पहले ही 7000 से अधिक कार्यक्रम एवं प्रशिक्षण संचालित किये हैं. इसमें दैनिक वेबिनार्स भी शामिल हैं जिसमें रोजाना सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया.

जीएसटी के आने से पहले कंपनी एक सरल एवं इस्तेमाल में आसान जीएसटी बिलिंग सॉफ्टवेयर लेकर आई थी जिसे 3 मिलियन से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है. इसके बाद कंपनी ने जीएसटी रेडी सुइट में अपनी नवीनतम रिलीज टैली.ईआरपी 9 रिलीज 6 को लॉन्च किया है. इस उत्पाद की कीमत सिंगल यूजर एडिशन के लिए 18,000 रूपये और मल्टी-यूजर एडिशन के लिए 54,000 रूपये बनी हुई है. हालांकि, टैली के अधिकतर मौजूदा यूजर्स मुफ्त में इस रिलीज को अपग्रेड करने में सक्षम होंगे.नया सॉफ्टवेयर जीएसटीआर1, जीएसटीआर 3बी जैसे विभिन्न रिटर्न्स को सपोर्ट करता है. व्यावसायों को अगले एक महीने में इन्हें दाखिल करना होगा. रिटर्न्स ऑनलाइन एवं इनवॉइस आधारित हैं और इसमें प्रत्येक इनवॉइस के लिए डेटा के विभिन्न क्षेत्रों को दर्ज किया जायेगा, इसे देखते हुये इनवॉइस का सटीक होना महत्वपूर्ण है.

टैली महज एक बटन के क्लिक पर अपने अनूठे त्रुटि निवारण, पहचान और सुधार की क्षमताओं के माध्यम से सटीक रिटर्न जेनरेशन की अनुमति देता है. यह सॉल्यूशन उपयोक्ता को संभावित त्रुटियों से बचने में मदद करता है जोकि इनवॉइस स्तर पर डेटा एंट्री में होने वाली गड़बड़ियों के कारण रिटर्न में आ सकती हैं. इससे उन्हें सही करने में मदद मिलती है और बिजनेस मालिक को मानसिक सुकून मिलता है कि उसका रिटर्न सही भरा गया है. एक बार जेनरेट होने पर, स्प्रेडशीट के फॉर्म में रिटर्न को जीएसटीएन द्वारा मुहैया कराये गये ऑफलाइन यूटिलिटी टूल में इम्पोर्ट करना पड़ेगा. इस टूल से आउटपुट को सीधे जीएसटीएन पोर्टल पर भरा जा सकता है. टैली कानून की जरूरतों के अनुसार इस उत्पाद को अपडेट करना जारी रखेगी और आने वाले सप्ताहों एवं महीनों में अपने ग्राहकों एवं अन्य व्यावसायों को सपोर्ट करेगी.