अनुपमा हत्या कांड : राजेश पर आरोप सिद्ध, फैसला आज

देहरादून, अस्थायी राजधानी देहरादून के बहुचर्चित अनुपमा हत्या कांड में अपर जिला अदालत पंचम ने राजेश गुलाटी पर हत्या व साक्ष्य मिटाने के आरोप तक कर दिए हैं, लेकिन सजा का ऐलान शुक्रवार को किया जायेगा. अदलात ने राजेश गुलाटी को भादवि की धारा 302 (हत्या) व 201 (साक्ष्य) मिटने के आरोप तय कर दिए हैं.

देहरादून की जिला अदालत ने अनुपमा हत्या कांड में सुनवाई 18 अगस्त को ही पूरी कर ली थी. आज दोपर आरोपी राजेश गुलाटी को अदालत ने अपनी पत्नी अनुपमा गुलाटी की हत्या व साक्ष्य मिटने का आरोपी माना और सजा का ऐलान शुक्रवार को किया जाएगा. वहीं इस मामले में अदालत ने अनुपमा के बच्चों की गवाही स्वीकार नहीं की.

ये घटना देहरादून के प्रकाश नगर की है जो मामला 2010 में सुर्खियों में आया था. ये घटना 12 दिसम्बर 2010 में सामने आई थी, जिसे आज भी दूनवासी भूल नहीं सके है ये घटना इसलिए भी दिल दहला देने वाली है क्यों कि राजेश गुलाटी ने न सिर्फ इंसानियत की हत्या की थी बल्कि रिश्तो का भी तार-तार किया था. इस घटना के बारे में जिसने भी सुना उसके रोंगटे खड़े कर दिए थे.

अनुपमा ने राजेश गुलाटी के साथ अपने माता पिता के खिलाफ जाकर प्रेम विवाह किया था. शादी के बाद राजेश गुलाटी और पत्नी अनुपमा के दूसरे पर शक करने लगे, जिसके बाद दोनों में विवाद बढ़ता गया. हालांकि परिवार वालो के हस्तक्षेप के बाद दोनों में समझौता हो गया और वो देहरादून आकर प्रकाशनगर में किराये के मकान में रहने लगे. कुछ दिन सामान्य चलने के बाद फिर वैवाहिक जीवन मे एक बार शक का जहर घुलने लगा और घर मे आये दिन लड़ाई झगड़ा होने लगा, लेकिन वो 10 अक्टूबर 2010 का वो दिन शायद ही कोई भुला पायेगा. जिस दिन राजेश और अनुपमा में झगड़ा हुआ और राजेश गुलाटी ने अनुपमा की हत्या कर दी, जिसके बाद पेशे से इंजीनियर राजेश गुलाटी ने अपनी पत्नी के शव को ठिकाने लगाने के लिए अपने इंजीनियर दिमाग का इस्तेमाल किया और डीप फ्रीजर में दो महीने तक शव को संभाले रखा. शव के छोटे-छोटे टुकड़े कर धीरे-धीरे ठिकाने लगाता रहा.

अपनी पत्नी अनुपमा की हत्या के बाद हत्यारे राजेश गुलाटी ने सबसे पहले बाजार से डीप फ्रीजर खरीदा. जिसमें अनुपमा के शव को रख दिया ताकि शव से बदबू न आये, वहीं राजेश ने स्टोन कटर मसीन, आरी भी खरीदी, जिसकी मदद से ही राजेश ने अनुपमा के शरीर के टुकड़े कर मसूरी रोड पर ठिकाने लगाने लगा.लकिन जब 2 महीने का वक्त बीत गया और अनुपमा के घरवालों का अनुपमा से कोई संपर्क नही हुआ, तो अनुपमा के भाई सुजान प्रधान 12 दिसम्बर को दून पहुंचा और राजेश से अनुपमा के बारे में पूछा तो उसने कह दिया कि वो तो कल ही दिल्ली अपने मायके चली गई है. इस बात को सुकर अनुपमा के भाई को शक हुआ और वो स्थानीय पुलिस चौकी पहुंच गया और पूरी बात बताई की उसकी बहन से दो महीने से संपर्क नही हो सका है सिर्फ फेसबुक पर ही बात करती है.अनुपमा का भाई पुलिस को लेकर फ्लेट में पहुंचा और पुलिस ने छानबीन शुरू की तो पुलिस ने भी जो देखा उसे देख पुलिस के भी होश उड़ गए. घर मे रखे डीप फ्रीजर में अनुपमा का शव कई टुकड़ो में पड़ा था जिन टुकड़ो को राजेश मौका देख कर धीरे-धीरे ठिकाने लगा रहा था.