अदालत ने यासीन भटकल के खिलाफ आरोप तय किए

दिल्ली स्थित एक अदालत ने इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के आतंकवादी यासीन भटकल पर 2010 में जामा मस्जिद के निकट हुए आतंकवादी हमले से जुड़े दो मामलों में आरोप तय करते हुए मंगलवार को मुकदमा चलाने का निर्देश दिया. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सिद्धार्थ शर्मा ने भटकल, उसके सहयोगी असदुल्ला अख्तर और आईएम के आठ अन्य सदस्यों के खिलाफ दो मामलों में हत्या का प्रयास, स्वेच्छा से चोट पहुंचाना, आपराधिक साजिश और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के अन्य प्रावधानों के तहत आरोप तय किए.

अदालत ने अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयान दर्ज करने के लिए 23 अक्टूबर का दिन निर्धारित किया है. इससे पहले 1 अगस्त को अदालत ने सबूतों के अभाव में आरोपी सैयद इस्माइल अफाक, अब्दुस सबूर और रियाज अहमद सईदी को 2010 के जामा मस्जिद विस्फोट मामले में रिहा कर दिया था. इन तीनों पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और शस्त्र अधिनियम के अलावा भारतीय दंड संहिता के तहत आपराधिक षड्यंत्र, सबूतों को नष्ट करना और अन्य अपराधों का आरोप लगाया गया था.

एक अभियुक्त के खिलाफ कार्यवाही समाप्त हो गई थी क्योंकि उसकी मौत हो चुकी है.19 सितंबर 2010 को दो मोटरसाइकिल सवार लोगों ने पुरानी दिल्ली में जामा मस्जिद के बाहर पर्यटकों पर गोली चलाई थी, जिसमें दो ताइवानी घायल हुए थे. क्षेत्र में एक खाली कार में छोटा विस्फोट भी हुआ था. आईएम के सह-संस्थापक यासीन भटकल, इसके प्रमुख रियाज भटकल, इकबाल भटकल सहित अन्य सदस्यों पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, शस्त्र अधिनियम, हत्या का प्रयास, स्वेच्छा से चोट करना और आपराधिक साजिश के तहत दो मामले दर्ज किए गए थे.

रियाज और इकबाल भटकल अभी फरार हैं.यासीन भटकल को अख्तर के साथ अगस्त 2013 में भारत-नेपाल सीमा के पास से पकड़ा गया था. यह दोनों देश में हुए विभिन्न बम विस्फोटों में शामिल बताए जाते हैं और दिल्ली पुलिस की 15 सबसे वांछित आतंकवादियों की सूची में सबसे ऊपर हैं.