48 घंटों में 42 बच्चों की मौत से फिर गरमाया गोरखपुर अस्पताल का विवाद

गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कर्मस्थली गोरखपुर में उनके लगातार दौरे के बाद भी बच्चों की मौत का सिलसिला जारी है. बीते 48 घंटे में बाबा राघवदास मेडिकल कालेज में 42 बच्चों की मौत हो गई है. इनमें से सात की मौत वहां की महामारी इंसेफ्लाइटिस के कारण हुई है.

उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ सिंह के साथ ही चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ‘गोपाल’ का लगातार दावा है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा पहले से बेहतर हो गई हैं. इसके बाद भी गोरखपुर में मौत का सिलसिला रुक नहीं रहा है. यहां बाबा राघवदास मेडिकल कालेज में आक्सीजन की कमी के कारण 40 बच्चों की मौत की का प्रकरण अभी पुराना भी नहीं पड़ा था कि 48 घंटे में 42 बच्चों की मौत के कारण जिले में खलबली मची है.

बाबा राघवदास मेडिकल कालेज के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ.पीके सिंह ने बताया कि बीते 48 घंटों में 42 बच्चों की मौत हो गई है. इनमें से सात बच्चे इंसेफ्लाइटिस से पीडि़त थे. बाकी अन्य बीमारियों से ग्रसित थे. उन्होंने कहा कि प्रयास चल रहा है कि यहां बीमारियों के कारण मौत पर अंकुश लग सके.

बाबा राघयदास मेडिकल कालेज में नवजात आइसीयू में 10 तथा इसके साथ ही पीडियाट्रिक आइसीयू में 11 बच्चों की मौत हो गई है. बीते 48 घंटे में 66 मरीज भर्ती किए गए थे, जिनमें से 42 की मौत हो गई है. भर्ती मरीजों में इंसेफ्लाइटिस के 19 में से सात मरीजों की मौत हो गई है. यहां पर इंसेफ्लाइटिस से जिन सात बच्चों की मौत हुई है उनमें संतकबीरनगर व बलिया के दो-दो तथा कुशीनगर, बस्ती व महराजगंज एक-एक बच्चे हैं. जनवरी से लेकर यहां के बीआरडी मेडिकल कालेज में इंसेफ्लाइटिस के 743 मरीज भर्ती हुए हैं जिनमें से 186 की मौत हुई है.10-11 अगस्त को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ही 40 बच्चों की मौत हो गई थी. अस्पताल की जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ है कि बच्चों की मौत ऑक्सीजन की कमी से हुई थी.