डेरा प्रमुख के बाद अब रामपाल की किस्मत का फैसला, हिसार में धारा 144 लागू

सिरसा के डेरा प्रमुख बाबा गुरमीत राम रहीम सिंह पर दो साध्वियों से रेप के मामले में फैसला आने के बाद अब बारी है हरियाणा के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम संचालक संत रामपाल की. संत रामपाल पर चल रहे दो केसों में मंगलवार को  हिसार की विशेष अदालत का फैसला आना है.

बता दें कि फैसला आने से पहले हिसार में धारा 144 लागू कर दी गई है. 23 अगस्त को संत रामपाल के खिलाफ दर्ज FIR नंबर 201, 426, 427 और 443 के तहत पेशी हुई थी. कोर्ट ने FIR नंबर 426 और 427 का फैसला सुरक्षित रख लिया था.

रामपाल पर नंबर 426 के तहत सरकारी कार्यों में बाधा डालने और 427 में आश्रम में लोगों को जबरदस्ती बंदी बनाने का केस दर्ज है. संत रामपाल के अलावा दोनों मामलों में प्रीतम सिंह, राजेंद्र, रामफल, विरेंद्र, पुरुषोत्तम, बलजीत, राजकपूर ढाका, राजकपूर और राजेंद्र भी आरोपी है.

संत रामपाल अपने आप को कबीरपंथी कहता है और इनको देशद्रोह के केस में जेल में बंद किया गया है. 2006 में रामपाल पर हत्या का केस दर्ज हुआ था.

गौरतलब है कि रामपाल दास का जन्म हरियाणा के सोनीपत के गोहाना तहसील के धनाना गांव में हुआ था. 1995 में उसने नौकरी से इस्तीफा दे दिया था और सत्संग करने लगा था. कमला देवी नाम की महिला द्वारा रामपाल महाराज को आश्रम के लिए जमीन दे दी. और 1999 में उसने सतलोक आश्रम का निर्माण किया.