मोदी का ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान शुरू करने का आह्वान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि त्योहारों को ‘न्यू इंडिया’ में सफाई के प्रतीक में बदला जाना चाहिए. उन्होंने हर घर तक ‘स्वच्छता ही सेवा’ का संदेश पहुंचाने के लिए गांधी जयंती से 15 दिन पहले तक एक अभियान चलाने का आह्वान किया. अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के दौरान मोदी ने कहा कि भारत विविधता की भूमि है और यह जीवन के हर रूप में दिखता है.उन्होंने लोगों को समवत्सरी पर्व, गणेश चतुर्थी, ओणम व ईद-उल-जुहा की बधाई दी.

मोदी ने कहा, “त्योहार निसंदेह विश्वास व मान्यता के प्रतीक हैं. न्यू इंडिया में हमें इन्हें साथ-साथ सफाई के प्रतीक में बदलना चाहिए. प्रत्येक घर में सफाई व त्योहार जुड़े होते हैं. वास्तव में त्योहार के लिए तैयारी की शुरुआत ही सफाई से होती है.”उन्होंने कहा, “यह हमारे लिए नया नहीं है, लेकिन इसे सामाजिक चरित्र में बदलना महत्वपूर्ण है. सार्वजनिक सफाई पर सिर्फ अपने घरों में ही नहीं, बल्कि अपने गांवों, कस्बों, शहरों, राज्यों व पूरे देश में जोर देना होगा. सफाई हमारे त्योहारों से जुड़ी हुई है.”

मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए स्वच्छ भारत अभियान की इस साल महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर को तीसरी वर्षगांठ है. उन्होंने कहा कि इस अभियान का सकारात्मक परिणाम हर तरफ देखने को मिल रहा है.उन्होंने कहा कि शौचालयों का क्षेत्र जनसंख्या के 39 फीसदी से बढ़कर 67 फीसदी तक हो गया है और 2.30 लाख से ज्यादा गांव खुले में शौच से मुक्त घोषित हो चुके हैं.मोदी ने कहा कि गुजरात में बाढ़ से हर तरफ गंदगी पसर गई थी, लेकिन जमीयत-उलेमा-ए-हिंद के स्वंयसेवकों ने बनासकांठा के 22 प्रभावित मंदिरों व दो मस्जिदों की चरणबद्ध तरीकों से सफाई की. उन्होंने स्वच्छता के लिए एकजुटता की एक प्रेरणादायी मिसाल पेश की.

मोदी ने गांधी जयंती से 15 से 20 दिन पहले ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान चलाने का आह्वान किया.मोदी ने कहा, “हम सभी को साथ आना चाहिए. हमें इसे दीवाली, नवरात्रि व दुर्गा पूजा की तैयारी के तौर पर देखना चाहिए. मैं सभी एनजीओ, स्कूलों, कॉलेजों, सामाजिक, सांस्कृतिक व राजनीतिक नेताओं व सरकारी लोगों, कलेक्टरों व सरपंचों से गांधी जयंती से कम से कम 15 दिनों पहले सफाई का एक माहौल तैयार करने का आग्रह करता हूं, जिससे 2 अक्टूबर को गांधी के सपनों को सच किया जा सके.”

मोदी ने लोगों से स्वैच्छिक श्रम दान करने का आग्रह किया. मोदी ने लोगों से रविवार को दूसरे छुट्टियों में आस-पड़ोस में मिलकर सफाई करने का आग्रह किया.मोदी ने कहा कि गणेश चतुर्थी एकता, बराबरी, समग्रता व ईमानदारी का पर्व है, जबकि ओणम सौहार्द व प्यार का संदेश देता है. मोदी ने कहा कि गुजरात में नवरात्रि जैसा त्योहार या पश्चिम बंगाल में दुर्गा उत्सव पर्यटकों के आकर्षित करते हैं और दूसरे त्योहार भी विदेशी पर्यटकों को अपनी तरफ खींचते हैं.प्रधानमंत्री ने कहा कि ईद-उल-जुहा कुछ दिनों में मनाया जाएगा. इस पर्व पर उन्होंने सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दीं.