बाबा राम रहीम ने लगाई जमीन पर बैठ कर गुहार – “कहीं नहीं जाऊंगा मै”

सीबीआई की विशेष अदालत ने सोमवार 28 अगस्त, 2017 को डेरा सच्चा सौदा प्रमुख बाबा राम रहीम को 15 साल पुराने रेप केस में 10 साल की सजा सुनाई है. राम रहीम के धारा 376, 506 और 511 के तहत उन्हें सजा सुनाई गई है. राम रहीम को 25 अगस्त को ही दोषी ठहरा दिया गया था, लेकिन उन्हें सजा सोमवार को सुनाई गई. सुरक्षा को देखते हुए रोहतक जेल में ही कोर्ट बनाया गया.

सीबीआई के वकील ने कहा कि राम रहीम का जुर्म गंभीर है, इसलिए सख्त से सख्त सजा दी जाए. जबकि गुरमीत राम रहीम के वकील ने बाबा के सामाजिक कार्यों और उम्र की दलील देकर नरमी बरतने का आग्रह किया. बचाव पक्ष ने कहा कि राम रहीम समाज सेवी हैं. उन्होंन जन कल्याण के बहुत कार्य किए हैं. इसका ंज्ञान लेते हुए नरमी बरती जानी चाहिए. वकील ने बाबा की सेहत का भी हवाला दिया.

बचाव पक्ष के वकील का तर्क था कि राम रहीम कई अनाथ बच्चों को संभालते हैं. सेना के लिए रक्तदान कर चुके हैं. अगर जेल चले गए तो अनाथ बच्चों का लालन-पालन मुश्किल हो जाएगा. इस दौरान बाबा लगातार रोते रहे, और कहते रहे कि जज साहब मुझे माफ कर दो. स्पेशल सीबीआई कोर्ट के जस्टिस जगदीप सिंह ने सजा सुनाते हुए कहा कि रेप के दोषी राम रहीम को 10 साल का कठोर कारावास दिया जाता है. सजा सुनते ही राम रहीम ने हाथ जोड़ कर माफी मांगी. राम रहीम फर्श पर बैठकर रोने लगा और कहने लगा, मैं यहां से कहीं नहीं जाऊंगा. इस पर वकीलों ने राम रहीम को काफी समझाया.