ताजमहल मंदिर नहीं, मकबरा है : ASI

ताजमहल मंदिर है या मस्जिद इस बात को लेकर लंबे समय से चल रही बहस के बीच भारतीय पुरातत्व विभाग (एएसआई) ने स्थानीय कोर्ट को आपनी रिपोर्ट में कहा है कि ताजमहल मंदिर नहीं बल्कि मुमताज की याद में बनाया गया मकबरा है. गुरूवार को विभाग ने ये रिपोर्ट सौंपी है. जिसमें स्पष्ट कहा गया है कि ताजमहल मंदिर नहीं है. एएसआई ने इस बात का खंडन किया है कि ताजमहल शिव मंदिर है.

इससे पहले केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने नवंबर 2015 के दौरान लोकसभा में साफ किया था कि ताजमहल की जगह पर मंदिर होने के कोई सबूत नहीं मिले हैं. अप्रैल 2015 में आगरा जिला अदालत में छह वकीलों ने एक याचिका दाखिल की थी. इस अपील में कहा गया कि ताजमहल एक शिव मंदिर था और इसे तेजो महालय के नाम से जाना जाता था. इस याचिका के जरिए हिंदू दर्शनार्थियों को परिसर के अंदर पूजा की इजाजत देने की मांग की गई थी.

इस मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र सरकार, केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय, गृह सचिव और एएसआई से जवाब तलब किया था. एएसआई ने गुरुवार को अदालत में अपना जवाब सौंपा है. एएसआई ने एक बार फिर मामले की सुनवाई को लेकर स्थानीय अदालत के अधिकार क्षेत्र को चुनौती दी है.

एएसआई ने याचिकाकर्ताओं के दावे पर भी सवाल खड़े किए हैं. एएसआई ने कोर्ट में दी अपनी दलील में कहा, ‘ताजमहल एक इस्लामिक ढांचा है, जबकि अपील करने वाले दूसरे धर्म के हैं. स्मारक पर कोई भी धार्मिक गतिविधि पहले कभी नहीं हुई थी.’ कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को जवाब दाखिल करने के लिए वक्त देते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 11 सितंबर की तारीख तय की है.