डेरा प्रमुख पर फैसले के बाद हिंसा में 30 की मौत

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को दुष्कर्म मामले में अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद उनके नाराज भक्त हिंसा पर उतर आए हैं. यहां समर्थकों को काबू में करने के लिए सुरक्षा बलों द्वारा की गई गोलीबारी में 30 लोगों की मौत हो गई. हिंसा में सुरक्षा कर्मियों सहित 100 लोग घायल हुए हैं.

पुलिस सूत्रों ने कहा कि सुरक्षा बलों ने डेरा समर्थकों को काबू में करने के लिए गोली चलाई, जिसमें 30 की मौत हो गई. डेरा समर्थकों ने व्यापक तोड़फोड़ की और कई वाहनों व भवनों में आग लगा दी.डेरा समर्थकों ने पत्रकारों और सुरक्षा बलों पर हमले किए. कुछ पत्रकार जान बचाने के लिए नजदीकी घरों में शरण लेने को मजबूर हुए.

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हिंसा में सुरक्षाबलों सहित 100 लोग घायल हुए हैं. करीब 100 वाहनों में आग लगा दी गई. कई सरकारी और निजी भवनों में आग लगा दी गई.स्थानीय निवासियों का कहना है कि शहर के हिस्सों में धुएं का गुबार देखा गया.

निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए डेरा समर्थक डेरा प्रमुख के दुष्कर्म मामले में फैसले के मद्देनजर पंजाब और हरियाणा से हजारों की संख्या में शहर में जुटे थे. फैसला राम रहीम के खिलाफ आते ही वे हिंसा पर उतारू हो गए. सीबीआई की विशेष अदालत ने राम रहीम को दो महिला शिष्याओं से दुष्कर्म और छेड़छाड़ के मामले में दोषी ठहराया है.

राम रहीम पर वर्ष 2002 में दो साध्वियों से दुष्कर्म करने का आरोप है. इस मामले की अदालत में सुनवाई 2008 में शुरू हुई थी.