तब हरदा थे अब त्रिवेंद्र, देहरादून में फिर आने को है ‘सियासी भूचाल’ | मुलाकातों ने बढ़ाई गर्मी

उत्तराखंड में चुनाव के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत की सरकार बने अभी करीब पांच महीने का ही वक्त गुजरा है, लेकिन यहां की राजनीत‌ि में एक बार फ‌िर से भूचाल के संकेत मिल रहे हैं. बीजेपी में भीतरघात की बू आ रही है. पूर्व मुख्यमंत्री व‌िजय बहुगुणा और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट की मुलाकात ने भी कई सवाल खड़े कर द‌िए हैं.

हरक सिंह रावत का कैबिनेट बैठक में न पहुंचना, उनके बार-बार कहने के बावजूद कोटद्वार में डॉक्टरों को पोस्टिंग न देने के बयान समेत कुछ हालिया घटनाओं से यह संदेश गया है कि बीजेपी में आने वाले नेताओं को वैसी तवज्जो नहीं मिल रही जैसी मिलनी चाहिए थी. उपेक्षा की इन चर्चाओं के बीच गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट से मुलाकात ने तमाम तरह की सियासी अटकलों को जन्म दे दिया.

गौरतलब है कि हरिद्वार समेत अन्य, जहां भी गुटबाजी की खबरें आई हैं, उसमें एक पक्ष पुराने भाजपाइयों का रहा, तो दूसरा कांग्रेस पृष्ठभूमि वाले नेताओं का. इस बात के आसार हैं कि यह मामला बीजेपी की अंदरूनी राजनीति को गरमा सकता है. यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि जल्द ही पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मिल सकते हैं.

विजय बहुगुणा गुरुवार शाम अपने पुत्र सितारगंज विधायक सौरभ बहुगुणा के साथ प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के देहरादून स्थित निवास पर पहुंचे. दोनों नेताओं के बीच करीब आधा घंटा बात हुई. इस मौके पर बीजेपी के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी बलजीत सिंह सोनी भी मौजूद थे.

यह भी खबर है कि भट्ट से मुलाकात के कुछ देर बाद ही शाम आठ बजे विजय बहुगुणा ने हरक सिंह रावत से भी मुलाकात की. अजय भट्ट भले ही इनकार करें, लेकिन बहुगुणा से मुलाकात के दौरान बातचीत में हरक के संदर्भ में कांग्रेस से बीजेपी में आए नेताओं की उपेक्षा का मसला आया.

माना जा रहा है कि पिछले साल बागियों के गुट की अगुवाई करने वाले बहुगुणा ने कुछ नेताओं की उपेक्षा पर चर्चा की है. हालांकि बीजेपी ने इस तरह की अटकलों को नकार दिया है. पार्टी ने कहा है कि यह दोनों नेताओं के बीच शिष्टाचार भेंट थीं. इसके अलावा और कोई मामला नहीं है.

दरअसल, यह मुलाकात इस नजरिए से अहम हो गई थी कि बुधवार को ही हरक सिंह रावत की नाराजगी सामने आई थी.