चित्रकूट: पुलिस-डकैत मुठभेड़ में दरोगा शहीद

चित्रकूट, गुरुवार को डकैतों के खिलाफ अभियान में उत्तर प्रदेश पुलिस को बड़ी सफलता मिली. इसके बीच एक दारोगा भी शहीद हो गए हैं. जिले के मानिकपुर इलाके में निही चिरैया के जंगल में गुरुवार सुबह करीब छह बजे एसपी के नेतृत्व में साढ़े पांच लाख के इनामी डकैत बबुली कोल गिरोह से मुठभेड़ में दारोगा की मौत हो गई. इस दौरान कुछ डकैतों के घायल होने की भी संभावना है. हालांकि उन्हें लेकर डकैत जंगल में चले गए हैं. दस हजार के इनामी डकैत राजू कोल को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस सर्च अभियान चला रही है.

पुलिस को सूचना मिली थी कि डकैतों को गिरोह जंगल में छिपा हुआ है. इससे बाद घेराबंदी की गई तो डकैतों ने फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की. इसमें बबुली कोल का दाहिना हाथ माना जा रहा लवलेश कोल घायल हो गया. डकैत उसे उठाकर जंगल में भाग गए. कुछ अन्य डकैतों के भी घायल होने की आशंका है. मुठभेड़ में दारोगा जेपी सिंह के सीने में गोली लग गई, उन्हें पहले मानिकपुर के अस्पताल लाया गया. फिर जिला अस्पताल कर्वी भेजा गया, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

एसआइ जयप्रकाश सिंह रैपुरा थाने में तैनात थे. वह जौनपुर जिले के थाना नेवढिया के बनेवरा गांव के निवासी थे. पुलिस अभी जंगल में घेराबंदी किए है. अभी मुठभेड़ बंद है. सर्च अभियान चल रहा है. कमिश्नर अजय शर्मा, एडीजी इलाहाबाद एसएन सावत, डीआइजी ज्ञानेश्वर तिवारी, डीएम समेत वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पहुंच रहे हैं. डकैत उसे उठाकर जंगल में भाग गए. कुछ अन्य डकैतों के भी घायल होने की आशंका है. मुठभेड़ में दारोगा जेपी सिंह के सीने में गोली लग गई, उन्हें पहले मानिकपुर के अस्पताल लाया गया. फिर जिला अस्पताल कर्वी भेजा गया, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

एसआइ जयप्रकाश सिंह रैपुरा थाने में तैनात थे. वह जौनपुर जिले के थाना नेवढिया के बनेवरा गांव के निवासी थे. पुलिस अभी जंगल में घेराबंदी किए है. अभी मुठभेड़ बंद है. सर्च अभियान चल रहा है. कमिश्नर अजय शर्मा, एडीजी इलाहाबाद एसएन सावत, डीआइजी ज्ञानेश्वर तिवारी, डीएम समेत वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पहुंच रहे हैं.