यौन शोषण केस में हेलीकॉप्टर से कोर्ट पहुचेंगे गुरमीत राम रहीम, समर्थकों ने जुटाए हथियार, पेट्रोल-डीजल

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह

यौन शोषण केस में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह पर 25 अगस्त को आने वाले कोर्ट के फैसले से पहले प्रशासन और पुलिस ने कमर कस ली है. पंचकूला में उनके समर्थकों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस डेरा प्रमुख को हेलीकॉप्टर के जरिए कोर्ट में सुनवाई के लिए लाने की तैयारी में है. उधर, ड्रोन कैमरे से पूरे इलाके पर नजर रखी जा रही है.

दैनिक भास्कर के मुताबिक, डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के समर्थकों को देखते हुए सरकार ने फैसला किया है कि उन्हें हेलिकॉप्टर से सिरसा से पंचकूला के सेक्टर-5 के परेड ग्राउंड तक लाया जाएगा. परेड ग्राउंड से लेकर कोर्ट तक भारी सुरक्षा के बीच कोर्ट में सुनवाई के लिए लाया जाएगा. इसके लिए प्रशासन द्वारा पूरी योजना बनाई जा चुकी है.

डेरा प्रमुख के खिलाफ फैसला होने की स्थिति में हालात से निपटने के लिए पुलिस तैयारी कर चुकी है. पूरे राज्य 0में 16 हजार पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं. इतना ही नहीं गृह मंत्रालय ने भी अतिरिक्त बल की मांग के बाद सीआरपीएफ के 9700 जवानों को भेज दिया है. राज्य से लगी सीमाओं को सील कर ड्रोन कैमरों से नजर रखी जा रही है.

सूचना मिली है कि चंडीगढ़ और पंचकूला में हजारों की संख्या में डेरा समर्थक पहुंच रहे हैं. इन्होंने पार्कों में डेरा लगा लिया है. डेरा प्रमुख के पेशी वाले दिन लाखों समर्थकों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है. डेरा समर्थक महिलाओं बच्चों को भारी तादाद में पहुंचने की हिदायत दे रहे हैं. यदि फैसला उनके खिलाफ रहा तो वे कुछ भी कर गुजरने की योजना में हैं.

आईबी रिपोर्ट के मुताबिक, फरीदकोट में डेरा समर्थकों ने घर की छतों पर भारी मात्रा में पेट्रोल, डीजल और काफी नुकीले हथियार जमा कर लिए हैं. यदि फैसला डेरा प्रमुख के खिलाफ जाता है, तो वे भारी उपद्रव कर सकते हैं. ये लोग सरकारी संपत्ति और वाहनों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं. इसके मद्देनजर पुलिस अधिकारियों को अलर्ट किया गया है.

हरियाणा सरकार ने सभी जिलों में धारा 144 लागू कर दी है. पुलिस ने बताया कि जरुरत पड़ने पर चंडीगढ़ क्रिकेट स्टेडियम को अस्थाई जेल के रूप में तब्दील कर दिया जाएगा. सुरक्षा बलों को दूसरे राज्यों से लगने वाली सीमा के इलाकों में तैनात किया गया है. कानून और व्यवस्था में बाधा पहुंचाने पर किसी को नहीं छोड़ने की साफ हिदायत दी गई है.