ममता के बदले सुर बोलीं ‘मैं पीएम मोदी का फेवर करती हूं, शाह का नहीं’

नोटबंदी, जीएसटी जैसे मामलों पर पीएम मोदी के खिलाफ सख्त बयानबाजी करने वाली ममता के सुर बदलते दिखाई दे रहे हैं. ममता बनर्जी ने कहा कि वह पीएम मोदी के पक्ष में हैं, लेकिन अमित शाह के नहीं. ममता बनर्जी के स्टैंड में इस शिफ्ट को बीजेपी जहां मोदी की नीतियों की स्वीकार्यता के रूप में ले रही है, वहीं विपक्ष के लिए यह चौंकाने वाला है.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक प्राइवेट चैनल के साथ इंटरव्यू में ये बातें कहीं हैं. ममता ने कहा, ‘मैं पीएम मोदी का फेवर करती हूं, शाह का नहीं. मैं पीएम को दोष नहीं देती हूं. मुझे उन्हें दोष क्यों देना चाहिए? उनकी पार्टी को इसका ध्यान रखना चाहिए.’ ममता ने इस बात पर आपत्ति जताई कि ‘देश में सुप्रीम तानाशाही का वातावरण है, जिसमें एक पार्टी अध्यक्ष सरकारी मामलों में दखल कर रहे हैं.’ जाहिर तौर पर ममता के निशाने पर मोदी नहीं बल्कि शाह रहे.

ममता बनर्जी ने लगे हाथ पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की तारीफ भी की. ममता ने कहा, ‘वह भी बीजेपी के ही हैं, लेकिन वह बहुत ही संतुलित (प्रधान मंत्री के रूप में) और निष्पक्ष थे. हमने उनके नेतृत्व में काम किया और कभी किसी समस्या का सामना नहीं किया.’ मौजूदा एनडीए सरकार का जिक्र करते हुए उन्होंने सभी समस्याओं के लिए पीएम को नहीं बल्कि बीजेपी को दोषी ठहराया.

ममता ने कहा, ‘लेकिन आज हम समस्याओं का सामना क्यों कर रहे हैं? मैं प्रधानमंत्री को इसके लिए दोषी नहीं ठहराती, लेकिन उनकी पार्टी को इसका ख्याल रखना चाहिए. क्यों उनकी पार्टी सभी के लिए समस्या खड़ी कर रही है?’ बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने ममता के इस स्टैंड को पीएम मोदी की गरीब समर्थित नीतियों को स्वीकार करने का संकेत बताया है. विपक्ष के लिए ममता बनर्जी का यह बदला हुआ सुर जरूर चौंकाऊ हो सकता है.