गोरखपुर में बाढ़ का कहर, कई बांध टूटने से 400 गांव में घुसा पानी

गोरखपुर में बाढ़ की स्थिति बिगड़ती ही जा रही है. गोरखपुर के दक्षिण और उत्तर दोनों ओर से पानी घुस रहा है. दक्षिण में राप्ती तो उत्तर में रोहिन नदी ने तबाही मचाई है. इस बीच शनिवार सुबह झंगहा-बोहरा बांध और बिनहा रिंग बांध भी टूट गया. इससे करीब 400 गांव पानी में घिर गए हैं और हजारों लोग पानी में फंसे हुए हैं.

मखनहा बांध टूटने से रोहिन का पानी शहर के उत्तरी इलाके राजेंद्रनगर पश्चिमी से बरगदवा होते हुए कालोनियों में पहुंच गया. राप्ती का पानी बढ़ता ही जा रहा है. वह एक सेंटीमीटर प्रति घण्टे की रफ्तार से बढ़ रही है. इससे लोगों की चिंता और डर और बढ़ रहा है. शनिवार पूरी रात लोगों ने तरह-तरह की आशंकाओं के बीच बिताई.

गोरखपुर में राप्ती नदी के किनारे बना गाहासाड़ उत्तरी कोलिया बांध सुबह 5 बजे मंझरिया गांव के सामने कट गया है. इससे दस गांवों की आबादी बुरी तरह प्रभावित है. घुनघुन , मंझरिया , उतरासोत , टिकरिया , गोविन्दपुर , मझिगावा , बेला , जमुआड़ ,खरबुजहवा और मोहम्मदपुर सहित कई गांवों में पानी भर रहा है.

हालांकि प्रशासन का दावा है कि स्थिति को जल्द ही कंट्रोल कर लिया जाएगा. बात दें कि नौसड़ बांध से शुक्रवार से ही रिसाव हो रहा था. गोरखपुर से लखनऊ जाने वालों को बाघागाड़ा होकर फोरलेन के रास्ते आना जाना पड़ रहा था. नौसड़ में बालू की बोरियों और अन्य उपायों से पानी रोकने की सभी कोशिशें बेकार हो रही हैं.

गोरखपुर-बस्ती मंडल में बाढ़ से हालात अब बेकाबू होते जा रहे हैं. बीते 24 घंटे में चार लोगों की मौत हो गई है. गोरखपुर जिले में सवा लाख लोग संकट में हैं. उनकी मदद के लिए सेना ने मोर्चा संभाल लिया है. एयरफोर्स की हेलीकॉप्टर टीम गुरुवार से ही मदद में लग गई है. सोनौली रोड पर शुक्रवार को भी रोडवेज बसें नहीं चलीं. वहीं मानीराम-पीपीगंज रेल मार्ग पर पानी लग गया है.