उत्कल एक्सप्रेस हादसा : बसों से हरिद्वार लाए गए यात्री, डीएम दीपक रावत रातभर खुद जुटे रहे

खतौली के पास कलिंगा उत्कल एक्सप्रेस के पटरी से उतरने के बाद शनिवार रात करीब एक बजे तक 400 से ज्यादा प्रभावितों को हरिद्वार और मुजफ्फरनगर प्रशासन के सहयोग से हरिद्वार पहुंचाया गया. सभी यात्री कलिंगा से हरिद्वार आ रहे थे. इनमें से अधिकतर को चोटें आई हैं.

जिला प्रशासन ने यात्रियों को हरिद्वार लाने के लिए करीब एक दर्जन बसें लगाई हैं. इसके अलावा अस्पतालों में निशुल्क इलाज के साथ-साथ प्रेमनगर आश्रम, शांतिकुंज समेत कई संस्थाओं में ठहरने की व्यवस्था की है.

शनिवार देर रात जिलाधिकारी दीपक रावत ने बताया कि दुर्घटना में अधिकतर लोग ऐसे हैं जो सोमवती अमावस्या (सोमवार) के स्नान के लिए हरिद्वार आ रहे थे. हरिद्वार प्रशासन प्रभावितों को हर संभव मदद के लिए तत्पर है. प्रशासन की ओर से दो टीमें पहले ही मुजफ्फरनगर भेज दी गई थीं.

देर रात तक रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस स्टैंड सहित अन्य स्थानों पर प्रशासन के अधिकारी, पुलिस की गाड़ियां, एंबुलेंस और रोडवेज की बसें लेकर खड़े थे. जैसे ही बसों से प्रभावित बस स्टैंड लाए गए वहां से उन्हें तत्काल आश्रय स्थलों पर पहुंचाया गया.

डीएम दीपक रावत पूरे आपदा प्रबंधन की कमान खुद संभाले हुए थे. रेल विभाग ने दुर्घटना के संबंध में जानकारी देने के लिए स्थानीय स्टेशन पर एक हेल्पलाइन सेंटर खोला गया.

जबकि जिला प्रशासन ने रोशनाबाद जिला मुख्यालय पर आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम स्थापित किया है. देर रात तक दुर्घटना के प्रभावितों का हरिद्वार आगमन जारी था. जिलाधिकारी ने बताया कि करीब 400 प्रभावित हरिद्वार पहुंच चुके हैं. प्रशासन उनकी हर संभव मदद कर रहा है. एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने बताया कि पुलिस प्रभावितों की हर संभव मदद कर रहा है.