अल्मोड़ा : गैस रिसाव से घर में लगी आग, मां-बेटा गंभीर

अल्मोड़ा, देर रात गैस रिसाव से हुए धमाके से घर की दीवार, खिड़की और दरवाजे उड़ गए. आग की चपेट में आने से मां-बेटे झुलस गए. धमाके की आवाज और चीख सुनकर दौड़े पड़ोसियों ने किसी तरह आग पर काबू पाया. झुलसे मां-बेटे को इलाज के लिए बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां मां की हालत चिताजनक बनी हुई है.बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अधिवक्ता गोकुल चंद्र जोशी का एनटीडी के शैल में घर है. वह सेवानिवृत्त शिक्षक पत्नी हेमा (58) व 17 साल के बेटे शांतनु के साथ रहते हैं. शांतनु 12वीं का छात्र है.

अधिवक्ता के मुताबिक रात खाना खाने के बाद बेटा घर की रसोई से लगे कमरे में सोने चला गया. जबकि  पत्‍‌नी हेमा अपने कमरे में सो गए. रात करीब साढ़े 12 बजे अचानक हेमा की आंख खुल गई. रसोई गैस की दुर्गध उठ रही थी. वह हेमा रसोई घर में पहुंची और जैसे ही रोशनी करने के लिए हेमा ने बल्ब का स्विच दबाया तो एक जोरदार आग लगने के साथ ही जोरदार धमाका हुआ. जिससे रसोई गैस की खिड़की उड़ कर दूर जा गिरी. घर की छत व दीवारों के तमाम हिस्से दरक गए. इधर, धमाके के साथ लगी आग ने हेमा को अपनी चपेट में ले लिया.

इधर, रसोई घर के साथ वाले कमरे में सो रहा बेटा शांतनु भी आग की चपेट में आ गया. धमाके और चीख सुन दूसरे कमरे में सोए गोकुल और पड़ोसियों की आंख खुल गई. गोकुल सीधे रसोई घर की ओर भागे आनन-फानन में गोकुल ने हेमा के ऊपर पानी डालकर आग बुझाई. इस बीच पड़ोसी भी मौके पर पहुंच गए. पड़ोसियों की मदद से आग पर काबू पाया. तुरंत ही दोनों को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया. जहां हालत नाजुक होने पर दोनों को बेस अस्पताल रेफर कर दिया गया. गोकुल ने बताया कि रसोई गैस की आग से 15 लाख से अधिक का नुकसान हुआ है.