‘राहुल गांधी के बदले प्रियंका, कांग्रेसी दिगज्जों की सोची-समझी चाल का हिस्सा’

राहुल गाँधी एवं प्रियंका गाँधी (फाइल चित्र)

कांग्रेस के कोऑर्डिनेशन सेंटर के सदस्य और राहुल गांधी के करीबी सहयोगी रहे आशीष कुलकर्णी ने पार्टी छोड़ दी है. पार्टी से अपने इस्तीफे के साथ ही उन्होंने प्रियंका गांधी को कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने की अफवाहों पर भी सवाल खड़े किए. राहुल के करीबी सहयोगी रहे आशीष ने उन्हें भेजे अपने इस्तीफे में कहा कि प्रियंका के प्रमोशन की अफवाहें पार्टी के ही ऐसे दिग्गज चेहरे फैला रहे हैं, जो 2014 की करारी हार के कारण नहीं बता पा रहे. आशीष ने कहा कि अब ऐसे लोग हार का सारा दोष राहुल गांधी पर मढ़ना चाहते हैं. यही नहीं उन्होंने कांग्रेस पार्टी में वंशवाद बढ़ने के भी आरोप लगाए.

पार्टी पर मध्यमार्गी विचारधारा से भटकने का आरोप लगाते हुए कुलकर्णी ने कहा कि कांग्रेस अब कश्मीर मुद्दे पर अलगाववादियों के साथ खड़ी दिखती है. उन्होंने कहा कि जेएनयू प्रकरण में कांग्रेस एक तरह से अल्ट्रा लेफ्ट के साथ सहानुभूति दिखाती नजर आई. आशीष ने लिखा कि पार्टी ने जमीनी हकीकत से दूरी बना ली है और मौजूदा स्थितियों को समझने और कार्यकर्ताओं से जुड़ने में असफल साबित हो रही है.

इन अफवाहों को ‘घृणित’ करार देते हुए कुलकर्णी ने अपने इस्तीफे में लिखा कि पुराने नेताओं की ओर से ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं ताकि ऐसी धारणा बने कि पार्टी में राहुल के नेतृत्व पर अविश्वास का माहौल है. 2009 के बाद से ही कांग्रेस के वॉर रूम से जुड़े रहे आशीष ने पार्टी की मौजूदा स्थिति पर कई सवाल खड़े किए हैं. राहुल गांधी को संबोधित 3 पेज के अपने पत्र में आशीष ने लिखा, ‘हम पार्टी में प्रबंधन को मजबूत नहीं कर सके हैं. महाराष्ट्र, असम, गोवा, अरुणाचल और उत्तराखंड जैसे राज्यों में पार्टी की निर्णयहीनता के चलते हार का सामना करना पड़ा है. यही स्थिति हिमाचल और गुजरात में भी दोहराई जा सकती है.’