सिने कर्मी हड़ताल पर, कड़ी सुरक्षा के बीच चल रही शूटिंग

मुंबई, सिने कर्मियों के अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल पर चले जाने के कारण फिल्म और टेलीविजन उद्योग का कामकाज प्रभावित हुआ है. हालांकि कई निर्माता और अभिनेता पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच शूटिंग को जारी रखे हुए हैं. फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने इम्प्लाईज फेडरेशन (एफडब्ल्यूआईसीई)के अध्यक्ष बीरेंद्र नाथ तिवारी ने कहा कि एफडब्ल्यूआईसीई द्वारा आहूत इस हड़ताल को 22 अन्य सिने यूनियनों का समर्थन हासिल है, जिसमें अन्य भाषाओं के फिल्मोद्योगों की यूनियनें शामिल हैं.

तिवारी ने कहा कि इस हड़ताल में स्पॉट बॉय, जूनियर आर्टिस्ट, तकनीशियन, कैमरामैन, आर्ट डाइरेक्टर, सेट डिजाइनर, स्टाइल फोटोग्राफर, स्टंट मास्टर, मेक-अप आर्टिस्ट, कॉस्ट्यूम सप्लायर शामिल हैं.तिवारी ने कहा, “हमने इंडियन मोशन पिक्च र्स प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन, इंडियन फिल्म एंड टीवी प्रोड्यूसर्स काउंसिल, वेस्टर्न इंडिया फिल्म प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन, फिल्म एंड टेलीविजन प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया और दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी (गोरेगांव की प्रसिद्ध फिल्म सिटी) को पहले ही नोटिस जारी कर दिया है.”

उन्हें सूचित किया गया है कि हड़ताल के कारण सिनेमा से संबंधित कोई भी काम नहीं होगा और स्टूडियो में तथा स्टूडियो के बाहर सभी शूटिंग शेड्यूल रद्द होंगे.एफडब्ल्यूआईसीई यूनियन के सदस्य बेहतर पारिश्रमिक, कार्य अवधि, अपनी सुरक्षा की स्थितियों एवं प्रावधान के लिए यहां फिल्म सिटी गेट के बाहर प्रदर्शन कर रहे है.फिल्मोद्योग से जुड़े सदस्यों ने कहा कि हड़ताल के कारण कुछ शूटिंग तो बंद हो गई है, जबकि कुछ शूटिंग जारी हैं.

सोनी एंटरटेनमेंट चैनल के एक सूत्र के अनुसार, कौन बनेगा करोड़पति और द कपिल शर्मा शो की शूटिंग फिल्म सिटी में बुधवार को नहीं हुई, लेकिन ‘द ड्रामा कंपनी’ की शूटिंग फिल्मिस्तान स्टूडियो में जारी थी.जी टीवी के एक सूत्र ने कहा कि पर्याप्त पुलिस सुरक्षा के बीच शूटिंग जारी है.टीवी शो निर्माता राजन शाही ने कहा, “हड़ताल के कारण शूटिंग प्रभावित नहीं हुई है. ये रिश्ता क्या कहलाता है की शूटिंग आज (बुधवार) सुबह सात बजे से चल रही है. मैं सेट पर हूं. पूरी यूनिट सेट पर मौजूद है और हम बहुत आराम से शूटिंग कर रहे हैं.”

‘क्या कुसूर है अमला का?’ की मुख्य अभिनेत्री पंखुड़ी अवस्थी ने कहा कि शो की शूटिंग यहां मीरा रोड के एलोरा स्टूडियो में जारी है.तिवारी ने कहा, “आठ घंटे की शिफ्ट, ओवरटाइम के लिए प्रति घंटे दोगुना भुगतान, सुरक्षा सेवा, उचित भोजन सुविधा और अन्य बुनियादी जरूरतों को लेकर हमारी लंबे समय से मांग रही है.”

एफडब्ल्यूआईसीई के महासचिव दिलीप पिथवा ने कहा कि मौजूदा समय में श्रमिक हर रोज 18 घंटे काम करते हैं, लेकिन उन्हें भुगतान तीन-छह महीने बाद ही मिल पाता है.