प्रशासन के विरोध के बाद भी RSS प्रमुख ने इस जगह फहराया तिरंगा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मुखिया मोहन भागवत ने मंगलवार को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर केरल के पलक्कड़ में तिरंगा फहराया. भागवत को हालांकि पलकक्ड़ के डीएम ने तिरंगा फहराने से मना कर दिया था. डीएम का आदेश था कि कोई भी राजनेता स्कूल में तिरंगा नहीं फहराया जाएगा. डीएम के आदेश के मुताबिक कोई टीचर या फिर चुना हुआ व्यक्ति ही तिरंगा फहराएगा. आरएसएस ने पहली बार 2002 में नागपुर में तिरंगा फहराया था.

जिला कलेक्टर के रोक वाले आदेश के बावजूद आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने पलक्कड़ के एक स्कूल में तिरंगा फहरा दिया. कलेक्टर ने स्कूल को एक मेमो जारी कर कहा था कि कोई नेता सरकार से सहायता प्राप्त स्कूल में भारतीय ध्वज नहीं फहरा सकता है. पहले तिरंगा फहराने से रोके जाने और बाद में फहराने के मामले को देखते हुए ऐसा माना जा रहा है कि जिला प्रशासन स्कूल के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है.

 

हालांकि, बीजेपी ने कलेक्टर के इस आदेश को गैर-जरूरी बताया और आदेश को चुनौती देते हुए कहा था कि भागवत झंडा फहराएंगे.बीजेपी और आरएसएस का कहना है कि झंडा कोड के मुताबिक स्वतंत्रता दिवस पर कोई भी स्कूल में ध्वजारोहण कर सकता है.