लालू प्रसाद यादव ने माना कि ‘पिछले साल दंगे की खबर देने के लिए शहाबुद्दीन ने उन्हें जेल से फोन किया था’

आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने दावा किया है कि वह दो महीने के अंदर बिहार में जेडीयू-बीजेपी गठबंधन की सरकार गिरा देंगे. उन्होंने नीतीश कुमार को पलटू राम कहा है. सिवान में एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने जनता से से 27 अगस्त को पटना में होने वाली आरजेडी रैली को सफल बनाने की अपील भी की है.

इस मौके पर जेडीयू नेता अवध बिहारी चौधरी समेत कई नेता आरजेडी में शामिल हुए. अवध बिहारी चौधरी पहले आरजेडी में ही थे. सीवान की रैली में सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि वहां बहुबलि नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन की पत्नी हिना नहीं आईं. इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी थीं. ऐसा माना जा रहा है कि शहाबुद्दीन के खिलाफ बिहार के सरकार सुप्रीम कोर्ट में जाने से हिना आरजेडी से नाराज हैं. उस वक्त बिहार में आरजेडी-जेडीयू गठबंधन की सरकार थी और लालू यादव ने तब उनका साथ नहीं दिया था. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से जमानत रद्द होने के बाद शहाबुद्दीन दिल्ली की तिहाड़ जेल में कैद है.

लालू प्रसाद यादव ने अपने संबोधन में शहाबुद्दीन की चर्चा जरूर की. उन्होंने कहा कि शहाबुद्दीन को मैंने या नीतीश कुमार ने जमानत नहीं दिलवाई थी बल्कि कोर्ट ने जमानत दिया था. हालांकि जमानत मिलने के बाद शहाबुद्दीन ने नीतीश कुमार को परिस्थितियों का मुख्यमंत्री बताया था और तब आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने नीतीश कुमार का बचाव भी नहीं किया था. माना जाता है उसी समय से महागठबंधन में दरार की शुरूआत हो गई थी. लालू प्रसाद यादव ने माना कि पिछले साल दंगे की खबर देने के लिए शहाबुद्दीन ने उन्हें जेल से फोन किया था.

रैली को संबोधित करते हुए लालू ने कहा कि कुछ दिनों पहले मीडिया में इस बात को लेकर काफी हंगामा मचा कि आखिर उन्होंने जेल में बंद शहाबुद्दीन से बात कैसे की? लालू ने कहा कि उनकी और शहाबुद्दीन की जो टेलीफोन पर बात हुई थी उसमें कुछ भी गलत नहीं था. अपना बचाव करते हुए लालू ने कहा कि क्या शाहबुद्दीन ने फोन पर कहा था कि जेल के गेट खोल दिया जाए और उन्हें जेल से निकाल दिया जाए? मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए लालू ने कहा कि जब उनकी बात जेल में बंद उनके पार्टी के नेता और अपराधी अनंत सिंह से हो सकती है उन्होंने अगर शाहबुद्दीन से बात की तो इस पर इतना हंगामा क्यों मचा.