गोरखपुर मामले में मंत्री की सफाई ‘गैस की कमी से नहीं हुई एक भी मौत, अगस्त के महीने में होती ही हैं’

यूपी के गोरखपुर में बीआरडी अस्पताल में 36 बच्चों की दर्दनाक मौत पर यूपी सरकार ने सफाई देते हुए कहा कि ऑक्सजीन सप्लाई की कमी के कारण बच्चों की मौत नहीं हुई है. यूपी के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने शनिवार को घटना की जानकारी देते हुए बताया कि कुछ घंटों के लिए ऑक्सीजन की सप्लाई जरूर बाधित हुई थी, लेकिन मौत का कारण गैस सप्लाई में बाधा नहीं है. उन्होंने साथ ही कहा कि मामले में लापरवाही बरतने के कारण कॉलेज के प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया गया है. मंत्री ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी.

इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा कि वह गोरखपुर की घटना पर नजर बनाए हुए हैं. उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘वह केंद्र और यूपी सरकार के अधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल और केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव गोरखपुर में मामले पर नजर रखेंगे.’

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अगस्त के महीन में बच्चों की मौतें होती रही हैं. उन्होंने कहा कि अगस्त 2014 में 567 बच्चों की मौत हुई थी. उन्होंने कहा, ‘हम बच्चों की मौत को कम करके नहीं आंक रहे हैं. मेडिकल कॉलेज में बच्चों के लास्ट स्टेज में लाया जाता है. गैस सप्लाई जरूर रात 11.30 से सुबह के 1.30 बजे तक बाधित हुई थी, लेकिन उसके बाद गैस सिलिंडर से सप्लाई जारी है. पाइप के द्वारा सप्लाई की जाने वाली लिक्विड गैस का प्रेशर लो होने के बाद सिलिंडर से सप्लाई जारी है. 10 तारीख को सुबह 7.30 से 10.05 बजे तक 7 बच्चों की मौत हुई, लेकिन ये मौतें गैस सप्लाई के कारण नहीं हुई थी. इनमें कई मौत AES, इंफेक्शन, लीवर फेल के कारण हुई थी.’ उन्होंने कहा, ‘अस्पताल में बिहार और नेपाल से भी बच्चों को लाया जाता है.’

सिद्धार्थनाथ ने कहा, ‘यूपी की सरकार संवेदशनील सरकार है. गैस सप्लाई बाधित होने के कारणों की जांच की जा रही है. सरकार ने मुख्य सचिव के नेतृत्व में एक जांच दल का गठन किया गया है. रिपोर्ट के बाद हम और लोगों पर भी कड़ी कार्रवाई करेंगे.’