सतपाल महाराज और मेयर समर्थकों के बीच झड़प के बाद बीजेपी में गुटबाजी सतह पर

सांकेतिक फोटो

हरिद्वार में प्रेमनगर पुल के पास स्थित नाले को खोले जाने को लेकर उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज और यहां के महापौर मनोज गर्ग के समर्थकों के बीच गुरुवार को हुई हिंसक भिडंत के बाद राज्य में सत्तारूढ़ बीजेपी की गुटबाजी अब सतह पर आ गई है.

गुरुवार को हुए विवाद और हिंसा के बाद पालिका कर्मचारियों ने मेयर गर्ग के इशारे पर प्रेमनगर आश्रम के मुख्य द्वार पर कूड़ा डाल दिया और उनके समर्थन में शुक्रवार को बीजेपी के पार्षदों ने नगर पालिका में तालाबंदी करके हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग की.

दूसरी ओर, हरिद्वार जिले के चार बीजेपी विधायकों ने सतपाल महाराज के आश्रम पहुंचकर उन्हें अपना समर्थन देने की घोषणा की. विधायक सुरेश राठौर, स्वामी यतीश्वरानंद, आदेश चौहान तथा संजय गुप्ता सहित बीजेपी जिलाध्यक्ष डॉ. जयपाल चौहान ने प्रेमनगर आश्रम पहुंचकर महापौर समर्थकों की निंदा की और कहा कि बीजेपी महाराज के साथ है.

इस बीच, कूड़ा डाले जाने से मर्माहत महाराज के अनुयायियों ने महापौर से माफी की मांग को लेकर आश्रम गेट पर ही अनशन और धरना शुरू कर दिया. आश्रम के प्रबंधन प्रदीप कुमार ने कहा कि महापौर के माफी मांगे जाने तक यह अनशन और धरना प्रदर्शन जारी रहेगा. महाराज के आश्रम के सामने ही महापौर समर्थकों ने भी नाले का मुहाना खोले जाने को लेकर धरना प्रर्दशन किया.

गुरुवार को हुए हिंसक विवाद के बाद गुरुवार देर रात दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ ज्वालापुर कोतवाली ने प्राथमिकी दर्ज करा दी.

विवाद में घायल हुए गर्ग को शुक्रवार को सांस लेने में शिकायत के बाद देहरादून के ​एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. राज्य के शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक के करीबी माने जाने वाले गर्ग ने कहा कि वह शीघ्र ही मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात करके महाराज को पद से बर्खाश्त करने की मांग करेंगे.

इसी बीच, जारी तनाव को देखते हुए प्रेमनगर आश्रम के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.