रुद्रपुर : जीमार्ट से पीएसी और पुलिस के बच्चों ने की चोरी

रुद्रपुर, शहर के जी मार्ट में चार बच्चों ने घुसकर उसमें से हजारों रुपये कीमत का सामान चुरा लिया. फर्म मालिक ने शक होने पर एक युवक की तलाशी ली तो उससे चोरी किया सामान बरामद हुआ. अभी आरोपी से पूछताछ ही चल रही थी कि अन्य साथी आरोपी दुकान से सामान चुराकर भाग निकले. पकड़े गए आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया गया, जिसने अन्य तीनों चोरों के नामों का खुलासा किया है. फर्म स्वामी ने आरोपियों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है. सभी आरोपी पुलिस महकमे के बताए गए हैं. हालांकि देर रात तक आरोपियों को छुड़ाने के लिए पुलिस विभाग के ही बड़े बड़े दिग्गज सिफारिशों में लगे रहे. शहर कीआदर्श कालोनी क्षेत्र में जी मार्ट की एक बड़ी फर्म है. जहां दैनिक उपभोग में आने वाली वस्तुओं की बिक्री की जाती है. जी मार्ट के स्वामी गौरव अरोरा पुत्र रामचंद्र ने पुलिस को तहरीर देकर कहा है कि बीती गुरूवार की शाम करीब साढ़े छह बजे चार लड़के उनकी दुकान पर पहुंचे. यह लड़के एक स्कूटी से आए थे.

चारों लड़के दुकान से सामान चोरी कर ले जाने लगे. इस पर उन्हें शक हुआ तो उसमें से एक लड़के को अपने पास बुलाकर उसकी तलाशी ली. तलाशी के दौरान उसके पास से तीन बॉडी स्प्रे (डियोड्रेंट) बरामद हुए. उसकी इस कार्यवाही को देख पकड़े गए आरोपी के तीनों अन्य साथी चोरी के सामान के साथ भाग निकले. पकड़े गए लड़के गौरव ने अपने फरार साथियों के नाम पवन, हैदर, राजीव बताया. चोरी करने वाले यह चारों लड़के 31वीं बटालियन पीएसी एवं पुलिस लाइन के बताए गए हैं. पकड़े गए आरोपी गौरव को पुलिस के हवाले किया गया. आदर्श नगर चौकी इंचार्ज कृष्ण कुमार ने फर्म स्वामी के आरोप पर आरोपियों से पूछताछ की. इधर, आरोपियों के अभिभावक उन्हें छुड़ाने के लिए चौकी पर देर रात तक डटे रहे. यही नहीं इन चारों बच्चों पर मुकदमा दर्ज न हो इसके लिए सिफारिशों का दौर चलता रहा. बहरहाल आरोपी पुलिस विभाग के बच्चे थे, इसलिए वहां उनके छोड़े जाने की चर्चा आम हो गई थी.

चोरी करने वाले यह चार लड़के चूंकि पुलिस प्रोफाइल से हैं. इसलिए सीसी फुटेज में भी चोरी करते सभी लोग स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं. दुकानदार ने कहा कि इस तरह की चोरी उनके यहां पहले भी हो सकती है, इसके लिए वे पुराना सीसी फुटेज खंगाल रहे हैं. आदर्श चौकी इंचार्ज कृष्ण कुमार ने बताया कि फर्म स्वामी ने चारों युवकों से चोरी किए गए सामान के बदले 15 हजार रुपये ले लिए गए हैं. लिहाजा अब उन्होंने दी गई तहरीर पर कार्रवाई करने से इंकार कर दिया है.