अब इस प्रमाण पत्र के बिना नहीं करा पाएंगे वाहनों का बीमा

न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि एनसीआर यानी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ईंधन भरने वाले सभी केंद्रों में वाहनों के प्रदूषण की जांच करने वाले केंद्र हों.

प्रदूषण पर अंकुश पाने के प्रयास में सुप्रीम कोर्ट ने ‘प्रदूषण नियंत्रण में प्रमाण पत्र’ के बगैर वाहनों का बीमा नहीं करने का बीमा कंपनियों को निर्देश दिया है. इसके साथ ही न्यायालय ने कई अन्य निर्देश भी बीमा कंपनियों को दिए हैं.

न्यायालय ने केंद्र को यह सुनिश्चित करने के लिये चार सप्ताह का समय दिया है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण की जांच करने वाले सभी केंद्र चालू हों ताकि वाहनों को प्रदूषण नियंत्रण में प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकें. शीर्ष अदालत ने पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण द्वारा दिये गए सुझावों पर विचार किया. न्यायालय पर्यावरणविद् अधिवक्ता महेन्द्र चन्द्र मेहता द्वारा राजधानी में वायु प्रदूषण की चिंताजनक स्थिति को लेकर 1985 में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा था.