स्वतंत्रता दिवस पर आपको आईएनए की रोमांचक सैर कराएगा नेशनल ज्योग्राफिक

अपने सारगर्भित कार्यक्रमों के लिए मशहूर टेलीविजन चैनल-नेशनल ज्योग्राफिक इस स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) पर अपने दर्शकों को इंडियन नेवल अकादमी (आईएनए) की अकल्पनीय सैर कराएगा. रोमांच से भरपूर ‘इनसाइड आईएनए’ नाम के इस एक घंटे के कार्यक्रम को बनाने में नेशनल ज्योग्राफिक को दो साल लगे. नेशनल ज्योग्राफिक एंड फॉक्स नेटवर्क्‍स इंडिया की भारत में बिजनेस हेड स्वाति मोहन ने गुरुवार को संवाददाताओं को बताया कि एक घंटे का यह कार्यक्रम सशस्त्र सेनाओं को पसंद करने वाले युवाओं और हर उम्र के लोगों को रात नौ बजे एक रोमांच से भरपूर सफर पर ले जाएगा.

इस डॉक्यू फिल्म के सवा मिनट के प्रीव्यू वीडियो को यू-ट्यूब पर अब तक 40 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है. इसी से अंदाजा लगाता जा सकता है कि लोगों को इस कार्यक्रम का इस बेसब्री से इंतजार है.वाइस एडमरिल अनिल कुमार चावला (एवीएसएम) और स्वाति ने इस डॉक्यूमेंट्री को आधिकारिक तौर पर लांच किया. इस अवसर पर चावला ने कहा कि ‘इनसाइड आईएनए’ लोगों को विश्व के अग्रणी नेवल अकादमी में से एक को करीब से जानने में मदद करेगा और इससे युवाओं में नौ सेना के प्रति प्यार और सम्मान बढ़ेगा. चावला ने उम्मीद जताई कि इस फिल्म को देखने के बाद अधिक से अधिक युवा नौ सेना का रुख करेंगे, जहां सेवा देना एक विशिष्ठता माना जाता है.

केरल के कन्नूर जिले में लगभग 2000 एकड़ क्षेत्र में फैले इस नेवल अकादमी के अंदर की सम्पूर्ण गतिविधियों को फिल्माने में नेशनल ज्योग्राफिक को पूरे दो साल लगे. खास बात यह है कि इस डॉक्यूमेंट्री के लिए नेवल अकादमी के अंदर की नियमित गतिविधियों में कोई बदलाव नहीं हुआ या उन्हें रोका नहीं गया और सबसे खास बात यह है कि वहां एक दिन की भी ट्रेनिंग प्रभावित नहीं हुई. स्वाति ने बताया कि उनकी टीम के लिए ‘इनसाइड आईएनए’ को फिल्माना एक चुनौती था, जिसे उसने स्वीकार किया और सफलतापूर्वक पूरा भी किया. इसके लिए स्वाति ने भारतीय नौ सेना को धन्यवाद कहा. भारतीय नौ सेना ने भी आईएनए को असल रूप में पेश करने के लिए नेशनल ज्योग्राफिक को धन्यवाद कहा.

‘इनसाइड आईएनए’ बताएगा कि किस तरह अनुशासन से भरे एक प्रांगण में सैकड़ों महिला एवं पुरुष बेहद कठिन ट्रेनिंग से गुजरकर भविष्य के नेवल हीरो बनते हैं और आगे चलकर विभिन्न पदों पर आसीन होकर देश की सेवा करते हैं. यह फिल्म एक्शन और इमोशन से भरपूर है और यह सही मायने में देश के लिए अपना सबकुछ न्यौछावर करने को तैयार नौ-सैनिकों को श्रृद्धांजलि है.