पी.वी. सिंधु ने आंध्र प्रदेश में डिप्टी कलेक्टर का पदभार संभाला

अमरावती, बुधवार को ओलम्पिक खेलों में रजत पदक जीतने वाली सिंधु ने गोलापुड़ी में राज्य सचिवालय में कार्यभार संभाला.इस मौके पर सिंधु के साथ उनके माता-पिता भी मौजूद थे.उन्होंने भूमि प्रशासन के मुख्य आयुक्त (सीसीएलए) के कार्यालय पहुंचकर अपना पद ग्रहण किया.

सिंधु ने सीसीएलए प्रमुख आयुक्त अनिल चंद्र पुनेथा को रिपोर्ट किया और बाद में औपचारिक रूप से सेवा में शामिल होने के लिए प्रासंगिक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए.पिछले माह, सिंधु को राज्य सरकार में ग्रुप-आई अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया.मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 29 जुलाई को बैडमिंटन खिलाड़ी को नियुक्ती पत्र सौंपा था.

राज्य सरकार ने सिंधु को 30 दिनों के भीतर डिप्टी कलेक्टर का पदभार संभालने के लिए कहा था.चूंकि सार्वजनिक सेवाओं में कोई भी भर्ती राज्य लोक सेवा आयोग, चयन समिति या रोजगार कार्यालय के जरिए ही हो सकती है, इस कारण सरकार को आंध्र प्रदेश (लोक सेवा में नियुक्तियों का विनियमन और स्टाफ पैटर्न और वेतन संरचना के परिशोधन) अधिनियम, 1994 में संशोधन करना पड़ा.

पिछले साल ओलम्पिक खेलों में सिंधु के शानदार प्रदर्शन को देखते हुए नायडू ने उनके लिए तीन करोड़ रुपये की धनराशि पुरस्कार स्वरूप देने की घोषणा की थी.इसके साथ ही उन्होंने सिंधु के लिए अमरावती में एक प्लॉट और ग्रुप-ए अधिकारी की नौकरी की घोषणा भी की थी.हैदराबाद में जन्म लेने और रहने के कारण सिंधु को तेलंगाना सरकार ने भी पुरस्कार स्वरूप पांच करोड़ रुपये और एक प्लॉट देने की घोषणा की थी.तेलंगाना ने भी उन्हें नौकरी देने का भी प्रस्ताव रखा लेकिन सिंधु ने आंध्र प्रदेश से मिले प्रस्ताव को स्वीकार किया क्योंकि उनके माता-पिता का संबंध आंध्र से है.