उत्तराखंड के इन जिलों में अब हाईवे किनारे मिलेगी शराब, सुप्रीम कोर्ट ने दी छूट

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड में राजमार्गों के साथ पड़ने वाले नौ जिलों और दो अन्य जिलों के कुछ हिस्सों में पांच सौ मीटर के दायरे में शराब की दुकानों पर लगे प्रतिबंध में ढील दे दी है. प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर, न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड और न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने इस पर्वतीय राज्य को यह राहत उस वक्त प्रदान की जब उसके वकील ने 31 मार्च के आदेश का हवाला दिया और कहा कि चूंकि इस प्रतिबंध की वजह से उसे गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए उत्तराखंड को भी यह राहत दी जानी चाहिए.

कोर्ट द्वारा दी गई ढील उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी गढवाल, पिथौरागढ़, चंपावत, बागेश्वर और अलमोड़ा जिलों को दी गई है. शीर्ष अदालत ने नैनीताल की चार तहसीलों और देहरादून के कुछ इलाकों के लिए भी इस ढील को बढ़ाया है. हालांकि न्यायालय ने ऊधम सिंह नगर और हरिद्वार को इस तरह की राहत देने से स्पष्ट इंकार कर दिया.

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, ‘राज्य की ओर से पेश वकील ने उत्तराखंड के लिए भी 31 मार्च के आदेश के तहत दी गई राहत मांगी है. हमने वकील की दलीलों पर गहराई से विचार किया और राज्य के अतिरिक्त हलफनामे के मद्देनजर हमारा मत है कि उत्तराखंड के उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, पिथौरागढ़, चंपावत, बागेश्वर और अलमोड़ा को यह राहत देने का अनुरोध स्वीकार करने की आवश्यकता है.’

इससे पहले, कोर्ट ने सिक्किम, मेघालय और हिमाचल प्रदेश व 20 हजार से अधिक की आबादी वाले इलाकों को राजमार्गों के साथ 500 मीटर के दायरे में शराब की दुकान पर लगे प्रतिबंध से छूट दे दी थी.