राम जन्मभूमि मामले पर जल्द आ सकता है फैसला, सुप्रीम कोर्ट में 11 अगस्त से सुनवाई

अब राम जन्मभूमि विवाद मामले की सुनवाई देश की शीर्ष अदालत की तीन सदस्यीय खंडपीठ करेगी. मामले की सुनवाई 11 अगस्त से होगी. सुप्रीम कोर्ट की बेवसाइट में इस मामले को लेकर विशेष नोटिस जारी किया गया है.

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि वह राम मंदिर-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं को शीघ्र सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने के मामले में निर्णय लेगा. भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने मामले को शीघ्र सूचीबद्ध करने और उन पर सुनवाई शुरू करने का आग्रह किया, जिस पर प्रधान न्यायाधीश जेएस खेहर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड वाली पीठ ने कहा, ‘हम इस बारे में निर्णय करेंगे.’

भाजपा नेता ने अपनी दलील में कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ मुख्य अपीलें उच्चतम न्यायलय में सात वर्षों से लंबित हैं और इन पर शीघ्र सुनवाई की जरूरत है. उन्होंने अपनी दलील में यह भी कहा कि उस स्थान पर बिना किसी परेशानी के पूजा अर्चना के उनके अधिकार के पालन के लिए उन्होंने पहले भी अलग से एक याचिका दायर की थी.

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने साल 2010 में अपने आदेश में उत्तर प्रदेश के अयोध्या के 2.77 एकड़ विवादित क्षेत्र को तीन भागों में बांटने का आदेश दिया था. तीन न्यायाधीशों वाली पीठ ने 2:1 के बहुमत वाले आदेश में कहा था कि इस भूमि को तीन पक्षकारों सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला के बीच बांट दिया जाए.