हल्द्वानी : शहीद मेजर कमलेश पांडे को सैन्य सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई

हल्द्वानी, शोपियां में शहीद हुए हल्द्वानी के ऊंचापुल निवासी मेजर कमलेश पांडे का पार्थिव शुक्रवार सुबह 8.30 बजे सेना के चापर से बरेली से हल्द्वानी पहुंचा. शहीद का शव आते ही पूरा गांव उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए उमड़ पड़ा. शहीद के शव को देखकर परिजन बिलख पड़े और पिता ने मांग की है कि उनके बेटे ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है, अब भारत को पाकिस्तान के साथ युद्ध के मैदान में उतरना चाहिए तभी वो समझेगा. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ तो आर-पार की जंग होनी चाहिए.

इससे पहले सुबह से ही मेजर कमलेश के घर अंतिम दर्शन को लोगों का तांता लग गया. परिवहन मंत्री मंत्री यशपाल आर्य, विधायक बंशीधर भगत, जिलाधिकारी दीपेंद्र चौधरी, एसएसपी जनमेजय खंडूरी ने भी शहीद को श्रद्धा सुमन अर्पित किए. इस दौरान घर के बाहर, जब तक सूरज चांद रहेगा, पांडेय तेरा नाम रहेगा, पाकिस्तान मुर्दाबाद समेत कई देश भक्ति नारों की गूंज रही. वहीं शहीद के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था. चित्रशिला घाट में मेजर का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया.

मेजर कमलेश हिम्मतपुर मल्ला के कांति पुरम में रहते थे. गत दिवस कमलेश के शहीद होने का समाचार घर पहुंचा तो कोहराम मच गया. मेजर कमलेश के पिता मोहन चंद्र पांडेय भी सेना से सेवानिवत्त हुए है, जबकि छोटा भाई आर्मी पोस्टल सर्विस में है.

मूल रूप से अल्मोड़ा जिले के दिगोली बाड़ेछीना में रहने वाले मेजर कमलेश के प्राथमिक शिक्षा गांव के प्राथमिक स्कूल में हुई थी. कक्षा छह से 12 तक वह रानीखेत के केंद्रीय विद्यालय में पढ़े.2006 में उनका चयन एअर फोर्स में एअर मेन के पद पर हुआ था. नौकरी के साथ ही उन्होंने स्नातक किया और 2010 में सीडीएस परीक्षा पास की. तीन माह पहले ही वह मेजर के पद पर प्रोन्नत हुए थे.